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जैव ईंधन के कारण बढ़ रही है खाद्य पदाथर्ों की कीमतें : विश्व बैंक

अमेरिका और यूरोप में जैव ईंधन के उत्पादन में आई वृद्धि ही विश्व में खाद्य पदार्थांे की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस ने विश्व में खाद्य पदाथरे की बढ़ती कीमतों के लिए भारतीय मध्यवर्ग को जिम्मेदार ठहराया था। विश्व बैंक के एक अर्थशास्त्री डॉन मिशेल ने सोमवार को प्रकाशित अपने एक अनुसंधान पत्र में कहा है कि जैव ईंधन के उत्पादन के लिए अनाजों के इस्तेमाल के साथ ही गोदामों में अनाजों के कम भंडार, वायदा बाजार और खाद्य पदाथर्ों के निर्यात के कारण विश्व में खाद्य पदाथर्ों की कीमतों में 70 से 75 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। मिशेल के अनुसार खाद्य पदाथर्ों की कीमतों में बाकी 25 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी के लिए अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने, पेट्रोलियम पदाथर्ों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही उर्ववरक और परिवहन के खर्च में बढ़ोतरी आदि कारण जिम्मेदार हैं। इस अनुसंधान पत्र के एक अपूर्ण हिस्से के गत जुलाई में समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद एक नई बहस की शुरुआत हो गई थी। मिशेल ने अपना अनुसंधान वर्ष 2002 के बाद खाद्य पदाथर्ों की कीमतों में आई अचानक बढ़ोतरी पर किया है। उन्होंने अपने अनुसंधान पत्र में लिखा है कि अमेरिका और यूरोप में सब्सिडी और आयात शुल्क में छूट देकर जैवईंधन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है। जैव ईंधन के उत्पादन को यदि इतना बढ़ावा नहीं दिया जाता तो शायद खाद्य पदाथर्ों की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी नहीं होती। उन्होंने कहा है कि विश्व में आसमान छूती खाद्य पदाथर्ों की कीमतों को नीचे लाने के लिए जैव ईंधन के उत्पादन में दिए जाने वाले सब्सिडी की नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।ं

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  • Web Title: ‘जैव ईंधन ने बढ़ाई खाद्य पदाथरे की कीमतें’ं