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गिरफ्तारी के बाद रिहा हुए कांग्रेसी नेता

समाजवादी पार्टी (सपा) से हाथ मिलाने के बाद कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया व उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की किलेबंदी आरंभ कर दी है। इसी के तहत कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में दौसा से कांग्रेस सांसद सचिन पायलट और उत्तरप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी सरीखे कांग्रेसी नेताओं नेमंगलवार कोमायावती के पैतृक गांव बादलपुर पहुंचने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें दिी-उत्तरप्रदेश सीमा पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ भी दिया गया। कांग्रेस मायावती सरकार द्वारा किए जा रहे जमीन अधिग्रहण के फैसले का विरोध कर रही है। पायलट ने बताया कि हम बादलपुर गांव में भूमि अधिग्रहित किए जाने के खिलाफ आयोजित किसानों की एक सभा में हिस्सा लेने जा रहे थे। हम किसानों को अपना समर्थन देना चाहते थे जो अपने जमीन की उचित कीमत मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा और प्रदर्शनकारियों के आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक पहुंचा कर रहेंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मायावती अपनी निजी आंकाक्षाओं की पूर्ति के लिए बादलपुर में लगभग 47 बीघा जमीन अधिग्रहित करने की कोशिशों में जुटी हैं। पार्टी का कहना है कि मायावती सिर्फ बादलपुर में ही नहीं बल्कि अछेजा व बिस्नौला गांवों की जमीन भी अधिग्रहित करने का प्रयास कर रही है।

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