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विप में विपक्षी सदस्यों ने सरकार को कोसा

राजधानी में जलमाव के मुद्दे पर विधान परिषद में बहस के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने सरकार को जमकर कोसा। सत्ताधारी दल के सदस्यों ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए इसका ठीकरा पूर्व की सरकारों पर फोड़ा। विरोधी दल के नेता गुलाम गौस ने अगमकुआं में हुई बीस लोगों की मौत का मामला उठाया तो संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय सिंह और नगर विकास मंत्री भोला सिंह ने हस्ताक्षेप करते हुए कहा कि घटना दुखद है लेकिन इसके लिए सरकार जिम्मेवार नहीं है। उस दिन वर्षा तेज थी और मृतकों के परिानों ने भी स्वीकार किया है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही के कारण हुई।ड्ढr ड्ढr मंत्री के हस्तक्षेप से नाराज गुलाम गौस ने कहा-‘सरकार पानी क्या निकालेगी सरकार का ही पानी उतर चुका है’। लोजपा के संजय सिंह ने कहा कि जलजमाव का कारण सरकार खुद है। एक तो तांतिया कंपनी को भगा दिया गया और दूसर ऐसे अधिकारी की निगम में पोस्टिंग कर दी गई कि समस्या आने पर पुराने अधिकारी याद आने लगे। कंकड़बाग और राजेन्द्र नगर की जनता की नाराजगी का पता तब लगता जब मंत्री उस दौरान वहां जाते। जनता बार- बार मंत्रियों का फोन नंबर पूछ रही थी। कांग्रेस के चंदन बागची ने तो आपबीती सुनाते हुए कहा कि पहले ऐसी स्थिति कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सैदपुर में दो लोग सीधे मेनहोल में समा गये। यह स्थिति तब हुई जब सरकार नालों की सफाई पर करोड़ों खर्च कर चुकी है। भाजपा की किरण घई सिन्हा ने इसका ठीकरा पूर्व की सरकारों पर फोड़ते हुए कहा कि बहस में विपक्ष से सुझाव की उम्मीद की जाती है लेकिन उनके पास कोई सुझाव है ही नहीं। बहस में जद यू के रामधनी सिंह, सीपीआई के केदार पांडेय, कांग्रेस के महाचंद्र सिंह और माकपा के बासुदेव सिंह आदि ने हिस्सा लिया।ड्ढr ड्ढr विपक्ष को मोदी की चुनौतीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। विधानसभा में विपक्ष के हंगामे से खिन्न सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सदन में विपक्ष को बहस में शामिल होने की चुनौती दे डाली। विपक्ष के हंगामे का उपमुख्यमंत्री एवं जलसंसाधन मंत्री विजेन्द्र यादव ने डटकर प्रतिकार किया और नियम-परिनियम का हवाला देते हुए कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर बहस को तैयार है।ड्ढr विपक्ष में हिम्मत है तो बहस में शरीक हो। सरकार एपीएल-बीपीएल, राशन-किरासन समेत किसी भी मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है। श्री मोदी ने कहा कि कार्यस्थगन प्रस्ताव आकस्मिक एवं गंभीर मुद्दे पर लाया जाता है। एक बार किसी खास मुद्दे पर जब प्रस्ताव अस्वीकृत हो जाता है तो उसी सत्र में दोबारा विचार ही नहीं किया जाता है। बावजूद नियमों के प्रतिकूल विपक्ष जबरदस्ती अपनी बात मनवाने के लिए सदन में हंगामा कर रहा है। श्री यादव ने कहा कि सदन निर्धारित नियमावली एवं प्रक्रिया से चलता है। विपक्ष अपने अधिकार और कर्तव्य दोनों से विमुख हो गया है। भाजपा के मुख्य सचेतक रामाधार सिंह ने नेता विपक्ष पर मामला दर्ज करने की मांग कर दी। उधर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शामिल होने से पूर्व विपक्षी दलों ने मीटिंग की और तय हुआ कि बीपीएल मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुआ तो सदन में हंगामा जारी रहेगा। हालांकि एक-दो दल इस मुद्दे पर वाद-विवाद की मांग स्वीकृत हो जाने पर सदन चलाने देने को तैयार दिखे पर विपक्ष ने एकमत से निर्णय किया कि सरकार का मौजूदा विरोध जारी रहेगा।

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