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आेल्मर्ट की घोषणा से शांतिवार्ता पर खतरा

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे इजरायल के प्रधानमंत्री एहुद आेल्मर्ट के आगामी सितंबर में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा से पश्चिम एशिया शांतिवार्ता के एक बार फिर पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है। इजरायली राजनयिकों और विश्लेषकों ने कहा कि आेल्मर्ट की इस अप्रत्याशित घोषणा से देश में समय से पहले चुनाव हो सकते हैं, जिसमंे दक्षिणपंथी नेता बेंजामिन नेतनयाहू के जीतने की संभावना है। सत्तारूढ़ कादिमा पार्टी के नेता आेल्मर्ट ने बुधवार को अपने सरकारी निवास पर संवाददाताआें से कहा कि मैंने 17 सिंतबर को होने वाले पार्टी के आंतरिक चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं करने का फैसला किया है और न ही मेरी चुनाव में हस्तक्षेप की कोई मंशा है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी नए नेता का चुनाव कर लेगी तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा ताकि नई सरकार सुचारू और प्रभावी ढंग से अपना कामकाज कर सके। आेल्मर्ट के उत्तराधिकारी को नया गठबंधन बनाने में महीनों का समय लग सकता है और इस दौरान आेल्मर्ट के ही कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जब तक वह अपने पद पर हैं शांति प्रक्रिया को आगे बढाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि आेल्मर्ट और फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच इस वर्ष के अंत तक शांति समझौता कराने के उसके मकसद में अब भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। फलस्तीन के वार्ताकार सएब इकेरात ने कहा कि आेल्मर्ट की घोषणा के बावजूद शांति वार्ता जारी रहेगी। लेकिन बतौर कार्यवाहक प्रधानमंत्री आेल्मर्ट के पास फलस्तीनियों के साथ अमेरिका समर्थित शांति वार्ता या सीरिया के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता जैसे महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए राजनीतिक ताकत नहीं होगी।

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  • Web Title: आेल्मर्ट की घोषणा से शांतिवार्ता पर खतरा