DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गुणवत्ता के साथ बिजली आपूर्ति का लक्ष्य

उपभोक्ताओं की अपेक्षा के अनुरूप गुणवत्ता के साथ बिजली आपूर्ति को बिजली बोर्ड ने अपना लक्ष्य बनाया है। बिहार के सुदूर गांवों से लेकर राजधानी तक में बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए बोर्ड ने कई योजनाओं पर एक साथ काम शुरू किया है। गांवों में अगले 18 महीनों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है तो दूसरी ओर महानगर की शक्ल अख्तियार कर रहे पटना में अब एक और ग्रिड बनाने की तैयारी चल रही है। दीघा में नए ग्रिड को लेकर चल रही प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पॉवर ग्रिड के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है और करीब 18 महीनों में ग्रिड बनकर तैयार होगा। इसका लाभ पटना के मध्य इलाकों के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।ड्ढr ड्ढr गुजरात मॉडल पर करबिगहिया में करीब डेढ़ करोड़ की लगात से हाईटेक मीटर टेस्टिंग लैब होगा। बिजली के क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी की जानकारियां लाइन मैन से लेकर इंजीनियर तक को देने के लिए बिजली बोर्ड कॉलोनी में ट्रनिंग सेंटर होगा। बिजली बोर्ड के अध्यक्ष स्वपन मुखर्जी ने कहा है कि बोर्ड की कोशिश उपभोक्ताओं को उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराना है। हालांकि उन्होंने यह माना कि केन्द्रीय प्रक्षेत्र से डिमांड के अनुरूप बिजली उपलब्ध नहीं होना इसकी राह में रोड़ा जरूर है। बावजूद इसके आपूर्ति की गुणवत्ता में हर स्तर पर सुधार लाने की कोशिश है। इसी क्रम में जक्कनपुर, मीठापुर, फतुहा, बोधगया, चंदौती और भागलपुर ग्रिड में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इस बदलाव से हाल के 15 दिनों में लोडशेडिंग में भी कमी आयी है। पटना में जल जमाव के दौरान संप हाउस को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गयी। पेसू को सभी जले ट्रांसफार्मरों को बदलने और उनके साथ एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बड़े पैमाने पर ट्रांसफार्मरों की खरीद की जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: गुणवत्ता के साथ बिजली आपूर्ति का लक्ष्य