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परिवार रजिस्टर बता देता आतंकी का पता

नागरिक सुरक्षा प्रखण्ड का परिवार रािस्टर। आतंक और अपराधियों के खिलाफ लड़ाई का यह ‘हथियार’ हाथ में होने के बावाूद पुलिस व प्रशासन की नई-नई योनाएँ वक्त बरबाद कर रही हैं। कभी किराएदार के सत्यापन की मुहिम और कभी घरलू नौकरों कीोानकारीोुटाने की कसरत। मकसद फिर भी पूरा नहीं हुआ। किसी संदिग्ध के पकड़ेोाने अथवा बड़ी वारदात के बाद इन अहमोानकारियों के लिए शोरोरूर मचता है।ड्ढr शहर के बाशिंदों कीोानकारीोुटाने व बाहर से आकर बसने वालों का सिारा तैयार करने के लिए नागरिक सुरक्षा कोर का परिवार रािस्टर पर्याप्त है। इसके 18 कॉलमों में हर घर की हर जरूरीोानकारी जुटाईोाती है। लेकिन यह अहम योना सुविधाओं की कमी में दम तोड़ रही है। बिना किसी सहयोग व लाभ के वालेन्टियर भी काम में रुचि नहीं लेते। सेक्टर वार्डन व वार्डन स्तर पर योना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा है। विभाग द्वारा आठ घंटे काम करने पर वालेन्टियर को 31 रुपए मानदेय देने की योना तो है, पर यह इतने कठोर नियमों से बँधी है कि अमूमन इसे हासिल करना नामुमकिन होता है। आठ घंटे काम करने का प्रमाण पत्र देना पड़ता है। आमतौर पर सरकारी नौकरी या फिर व्यवसाय करने वाले वालेन्टियर इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाते। यही वाह है कि अभी तक शहर में महा 385 परिवार रािस्टर ही बनाएोा सके हैं। एक रािस्टर सौ पन्नों का होता है और एक पन्ने पर आमतौर पर चार परिवारों का ब्योरा र्दा होता है। इस हिसाब से शहर के कुछ लाख लोगों का ब्योरा हीोुटायाोा सका है। वहीं इस काम में लोगों द्वारा सहयोग न करना भी नाकामी की बड़ी वाह है। कई बार लोगोानकारी के अभाव में सूचनाएँ देने से कतराते हैं अथवा कोई न कोई बहाना करोानकारी से मुकरोाते हैं।

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