DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फोर लेन होगा पटना-मसौढ़ी पथ

राज्य सरकार ने पटना(सादिकपुर)-पवेरा-मसौढ़ी पथ को फोर लेन बनाने का निर्णय किया है। स्टेट हाइवे-1 के नाम से चिह्न्ति इस पथ को केन्द्रीय एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी के हाथों से वापस ले लिया गया है। राष्ट्रीय सम विकास योजना की राशि से सूबे के पुराने स्टेट हाइवे को दो लेन में बदलने की योजना पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत सादिकपुर-पवेरा-मसौढ़ी पथ को दो लेन में बदलने के लिए सीपीडब्ल्यूडी को जिम्मेवारी दी गई थी। पर बुद्धिष्ट सर्किट के तहत आने वाले इस पथ को अब फोर लेन में बदलने की योजना बनायी गई है।ड्ढr ड्ढr अंतर्राष्ट्रीय महत्व के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र के दो नेशनल हाइवे को पहले से ही फोर लेन में बदलने की कार्रवाई जारी है। गया-वजीरगंज-हिसुआ-राजगीर-बिहारशरीफ-बरबीघा-सरमेरा-मोकामा (एनएच-82) और पटना-मसौढ़ी-जहानाबाद-गया-बोधगया-डोभी रोड (एनएच-83) को फोर लेन बनाने का निर्णय किया गया है। एनएचडीपी-3 के तहत पटना-मसौढ़ी-जहानाबाद-गया-बोधगया-डोभी रोड को बीओटी पद्धति से फोर लेन बनाने की कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार ने डीपीआर बनाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा है। पूर्व पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव ने पिछले वर्ष इन दोनों नेशनल हाइवे के फोर लेनिंग के लिए जापान बैंक ऑफ इन्टरनेशनल कॉपरशन (जेबीआईसी ) से ऋण लेने की सहमति की घोषणा की थी। इस बाबत डीपीआर निर्माण के लिए टेंडर भी किया गया था। पर उस बाबत कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पायी।ड्ढr ड्ढr इसके अतिरिकत राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों की सुविधा के लिए हाजीपुर-वैशाली-देवरिया-साहेबगंज-केसरिया-खजुरिया-अरराज (एसएच-74) को भी बुद्धिष्ट स*++++++++++++++++++++++++++++र्* ट के तहत विकसित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नाबार्ड की राशि से निर्माण जारी है। इन सब पथों के निर्माण के बाद भगवान बुद्ध से जुड़े प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण स्थलों गया-बोधगया-राजगीर-पावापुरी-वैशाली-केसरिया के भ्रमण में काफी आसानी होगी।ड्ढr ड्ढr छत्तीसगढ़-बिहार के बीच 28 मार्गो पर बसें चलेंगीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। छत्तीसगढ़ एवं बिहार के बीच वाया झारखंड 28 मागोर्ं पर बसें चलेंगी। शुक्रवार को रायपुर में हुई दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक में बसें चलाने पर सहमति बन गयी। छत्तीसगढ़ के विलासपुर, जसपुर, अम्बिकापुर, रायपुर, रायगढ़, बस्तर और दुर्ग से पटना, बिहारशरीफ, सासाराम, वैशाली, राजगीर, गया और भागलपुर समेत कई अन्य शहरों के लिए बसें चलाने पर सहमति बनी। जल्द ही समझौते के सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर होगा। पहले चरण में दोनों राज्यों की राजधानियों के साथ ही प्रमुख पर्यटनस्थलों को बस रूट से जोड़ा गया है। इससे पर्यटन को पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों की संख्या और बसों की आमदनी को देखते हुए मार्गों की संख्या बढ़ायी जायेगी। बैठक में छत्तीसगढ के प्रमुख सचिव परिवहन एन.के.असवाल और बिहार के परिवहन आयुक्त रवि परमार व उप सचिव वशिष्ठ सिंह शामिल हुए। इस दौरान प्रस्तावित मार्गो के साथ उससे जुड़े अन्य मार्गो, रूट की दूरी, परमिटों की संख्याड्ढr और समय सारणी पर भी विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि बिहार और मध्यप्रदेश के बीच वर्ष 1में 28 मार्गो पर हुए समझौते के आधार पर एकीकृत बिहार के रांची से रायपुर के लिए बसें चलतीं थी। वर्ष 2000 में बिहार और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों का विभाजन हो गया। तभी से छत्तीसगढ़ के साथ नये समझौते की जरूरत महसूस हो रही थी जिसपर अब ठोस पहल हुई है। झारखण्ड और छत्तीसगढ के बीच पहले ही परिवहन करार हो चुका है।ंं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: फोर लेन होगा पटना-मसौढ़ी पथ