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नरेगा की आधी राशि भी नहीं हुई खर्च

अधिकारियों व कर्मचारियों के नकारात्मक रवैये के कारण सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की तरह नरगा भी जिले में टांय-टांय फिस्स हो गई। वित्तीय वर्ष गुजरने के बाद भी इस मद की आधी राशि भी खर्च नहीं की जा सकी। केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का जिले में अधिकांश जगहों पर कार्यान्वयन ही तब शुरू हुआ जब मानसून नजदीक आ गया। अब तक सभी जॉबकार्डधारियों के खाते भी नहीं खोले जा सके। कहीं मजदूरों को जॉब कार्ड नहीं मिले तो कहीं सरकार द्वारा निर्धारित दर पर मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ।ड्ढr ड्ढr चेरियाबरियारपुर प्रखंड की सकरबासा पंचायत के जॉब कार्डधारी मजदूरों ने तो कम मजदूरी का भुगतान कर कार्ड पर अधिक मजदूरी दिवस अंकित करने के विरोध में प्रखंड कार्यालय पर धरना भी दिया। अधिकांश जगहों पर काम कराने वाली एजेंसी का जॉब कार्ड पर कब्जा रहा। कई पंचायतों में महीनों तक नरगा की राशि पड़ी रही। हालांकि सरकारी आंकड़े के अनुसार जिले में लगभग1010 योजनाएं पूरी हो चुकी है। डीडीसी रमेश मिश्र ने बताया कि अबतक जिले में 2 लाख 50 हाार 237 जॉबकार्ड बांटे गए और 14 लाख 60 हाार से अधिक मानव श्रम दिवस का सृजन किया गया। अबतक लगभग 53 हाार मजदूरों के खाते खोले गए। एक दिन पूर्व हुई समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी संजीव हंस ने सभी कार्यक्रम अधिकारियों को अभियान चलाकर इस माह के अंत शत-प्रतिशत खाते खोलने का निर्देश दिया है। जिले को वर्ष 2007-08 में इस मद में 54 करोड़ 81 लाख का आवंटन किया गया था। इस राशि में से महा 21 करोड़ 45 लाख रुपए खर्च किए गए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद भी इस मद की आधी राशि भी जिले में खर्च नहीं हो सकी।

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  • Web Title: नरेगा की आधी राशि भी नहीं हुई खर्च