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करार से 8000 मेगावाट बिजली का तुरंत लाभ

पंजाब में केन्द्रीय ऊर्जा एवं वाणिय राय मंत्री जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि परमाणु समझौता से देश को आठ हजार मेगावाट विद्युत का तुंरत लाभ होगा। रमेश ने यहां भाखड़ा नंगल परियोजना का निरीक्षण के दौरान कहा कि हम जल-विद्युत संसाधनों का और अधिक उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड द्वारा कार्यान्वन्ति की जाने वाली 150 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना पाईपलाईन में हैं। उन्होंने बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ जलाशय तथा बीबीएमबी के जल विद्युत संयंत्रों द्वारा आगामी वषोर्ं में विद्युत की उपलब्धता के संबंध में वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल तथा विद्युत की उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। इस वर्ष बीबीएमबी जलाशयों में पानी की आवक संतोषजनक है। भाखड़ा डैम के गोबिंदसागर जलाशय का जलस्तर शनिवार को 1646 फुट है जो पिछले वर्ष से 37 फुट अधिक है। पौंग जलाशय का जल स्तर 1358 फुट है जो पिछले वर्ष से 21 फुट से अधिक है। बीबीएमबी के छह विद्युत घरों, जिनकी 28 उत्पादन मशीनें हैं। इसकी कुल अधिष्ठापित क्षमता 2866 मेगवाट है। इसने केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निश्चित किए गए लक्ष्य 10.150 मिलियन यूनिट की तुलना में 10.मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया है।

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