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काबुल धमाके की जांच कराने पर राजी पाक

वें दक्षेस शिखर सम्मेलन में आतंकवाद और उससे पार पाने के उपायों पर चर्चा हुई। इसमें भारत और अफगानिस्तान की चिंता का मुख्य विषय पाकिस्तान ही रहा। भारत ने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तानी अपनी धरती का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न होने दे। दक्षेस देशों के दबाव में पाकिस्तान ने काबुल में भारतीय मिशन पर हमले की जाँच कराने का एलान किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि आतंकवाद को कुचलना जरूरी है ताकि इसका कुरूप चेहरा न दिखाई पड़े। यह विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। दक्षिण एशिया में स्थायित्व पर जोर देते हुए डा. सिंह ने कहा कि आतंकवाद के लिए सरहदें कोई अर्थ नहीं रखतीं। इससे पहले शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षेस के सभी आठ सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में भंडारनायके स्मारक अंतरराष्ट्रीय सभागार कक्ष में सम्मेलन का रंगारंग शुभारंभ हुआ।ड्ढr इससे पहले मनमोहन ने दक्षेस की अध्यक्षता श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को सौंपी। राजपक्षे ने कहा कि प्रगतिशील और शांतिप्रिय दक्षिण एशिया में आतंकवाद की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।ड्ढr पाक पीएम यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि भारत के साथ शांति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आतंकवाद को इस क्षेत्र से अलविदा करने की सभी देशों की जिम्मेदारी है। आतंकवाद पाकिस्तान के लिए भी बड़ी समस्या है। आतंकवाद ने ही पाकिस्तान से बेनजीर भुट्टो जैसी महान नेता को छीन लिया है। पाकिस्तान में कुछ संगठनों से आतंकवादियों को निरंतर समर्थन मिल रहा है। दक्षेस सम्मेलन में ईरान ने भी पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया।

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  • Web Title: काबुल धमाके की जांच कराने पर राजी पाक