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पुस्तकालय हमेशा प्रासंगिक रहेंगे : राज्यपाल

पुस्तकालय के अपग्रेडेशन से छात्रों को काफी सुविधा होती है। ग्लोबलाक्षेशन व इंटरनेट के इस दौर में सभी चीजों की मांग तेजी से होने लगी है। राज्यपाल आरएल भाटिया ने शनिवार को खुदाबख्श लाइब्रेरी के ऑनलाइन कैटलॉग के उद्घाटन के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी का यह ऑन लाइन कैटेलॉग छात्रों को यहां उपलब्ध दुर्लभ पुस्तकों के बार में जानकारी प्रदान करगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में जिस प्रकार पुस्तकों को संग्रहित करके रखा जा रहा है, उससे आनेवाले समय में भी छात्रों को काफी फायदा होने वाला है। राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकों की महत्ता कभी कम नहीं हो सकती और पुस्तकालय हमेशा प्रासंगिक रहेंगे।ड्ढr ड्ढr इस मौके पर आयोजित खुदाबख्श वार्षिक व्याख्यान 2008 में महात्मा गांधी और सभ्यता का विचार विषय पर राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी के दर्शन आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने आजादी के समय थे। उनका दर्शन सभी धर्मो को एक समान देखता है। उर्दू में भाषण दे रहे राज्यपाल ने कहा कि यह हमारी कौमी जबान है और हमें इसकी अहमियत को समझना होगा। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. सब्यसाची भट्टाचार्य ने व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए गांधी काल में सभ्यता के विचार पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गांधीजी समाज में राजनीतिक कार्यक्रम सांस्कृतिक सुधार के माध्यम से चलाना चाहते थे। गांधीजी की पुस्तक स्वराज के उद्धरणों की चर्चा करते हुए कहा कि कभी किसी धर्म या भाषा के दायर में रहकर अपनी बात नहीं की। वे हमेशा भारतीय सभ्यता की बात करते थे न कि हिंदू सभ्यता की।ड्ढr ड्ढr प्रो. भट्टाचार्य ने कहा कि गीता गांधीजी की सबसे आइडियल पुस्तक थी और उसके सिद्धांतों को उन्होंने अपनाया। वे विदेशी सामान के विरोधी थे क्योंकि समाज अपनी जड़ों को भूलकर विकास नहीं कर सकता, यह उनका मानना था। इस मौके पर अतिथियों का स्वागत करते हुए पुस्तकालय के निदेशक इम्तियाज अहमद ने कहा कि शीघ्र ही इस कैटलॉग को इंटरनेट पर जारी किया जाएगा। इस मौके पर एसके नेगी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।ं

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