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ग्रीन हाउस गैस का प्रभाव कम करने की परिवहन निगम में पहल

प्रदेश के परिवहन विभाग ने ग्रीन गैस उत्र्सान में कमी लाने की पहल की है। सोमवार को इस योना का प्रस्तुतीकरण विभिन्न संगठनों और संस्थाओं द्वारा कियाोाएगा। प्रमुख सचिव देश दीपक वर्मा का दावा है कि इस योना से परिवहन निगम को एक साल के अंदर 16 करोड़ रुपए की बचत होगी और चार करोड़ रुपए का लाभ पहुँचेगा।ड्ढr श्री वर्मा ने बताया कि ग्रीन हाउस गैस के उत्र्सान में कमी लाने के लिए पूरी दुनिया चिंतित है। पर्यावरण के लिए चिंतित परिवहन निगम ने भी क्लीन डेवलपमेंट मैकेनिम के लिए केन्द्र सरकार के पर्यावरण और वन विभाग से सम्पर्क किया है क्योंकि क्योटो प्रोटोकॉल के तहत सभी देशों को ग्रीन हाउस गैस उत्र्सान में कमी लानी है।ड्ढr श्री वर्मा ने बताया कि ग्रीन हाउस गैस की श्रेणी में मुख्य रूप से कार्बन डाईआक्साइड, मिथेन, नाइट्रोन और सल्फर आते हैं। किसी भी तरह कार्बन डाईआक्साइड की मात्रा में कमी लाने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन क्रेडिट का दरा मिला है। अंतरराष्ट्रीय बार में प्रति यूनिट कार्बन का मूल्य 10 से 20 यूरो डालर है। उन्होंने बताया कि यूपी रोडवे में कार्बन क्रेडिट के अमल से एक लाख लीटर डीाल की कम खपत होगी। इस समय परिवहन निगम के पास 7400 बसें हैं। इन बसों पर हर साल 1600 लाख डीाल की खपत होती है। इस तरह परिवहन निगम में डीाल की खपत कम होगी और उससे ग्रीन हाउस गैस उत्र्सान भी कम होगा।ड्ढr

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