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नयना मंदिर में भगदड़, 200 मर

लगता है, मां नयना देवी ने अपनी आंखें मूंद ली थीं। तब ही तो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में रविवार को नयना देवी मंदिर में भगदड़ मचने से 200 लोगों की मौत हो गई, और 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हताहतों में महिलाएं और बच्चे अधिक हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।ड्ढr मंदिर 3मीटर की ऊंचाई पर अवस्थित है। वैसे तो हाार-पंद्रह सौ श्रद्धालु यहां रो आते हैं लेकिन सावन की अष्टमी और साथ में रविवार होने के कारण यहां भीड़ ज्यादा थी।ड्ढr एक प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि सुबह करीब पौने ग्यारह बजे किसी ने शरारतन जोर से कहा कि पहाड़ से पत्थर गिर रहे हैं। इससे भगदड़ फैली और लोग उस ओर भागने लगे जिस ओर से लोग इस पहाड़ी पर चढ़ते हैं। लोग एक-दूसर पर गिरने लगे। इस बीच दबाव के कारण सिंहद्वार के पास लोहे की रेलिंग टूट गई और लोग पहाड़ी के नीचे गिरने लगे।ड्ढr राहत कार्य में जुटी वीणा जोशी ने बताया कि रविवार होने के कारण पंजाब के रोपड़, जालंधर, मनसा, संगरूर, पटियाला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहेब, हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, चंडीगढ़ और पंचकूला से काफी लोग दर्शन के लिए गए थे। जगह की कमी के कारण आनंदपुर साहिब अस्पताल के गलियारों में शवों को रखा गया। स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य में खुद ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनलोगों ने न सिर्फ घायलों की मदद की, शव पर डालने के लिए चादर, पत्थर की सिल्लियां भी प्रशासन को मुहैया करायीं। हिमाचल सरकार ने मृतकों के परिानों को एक-एक लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हाार रुपये देने का ऐलान किया है। ज्यादातर हताहतों में पंजाब, हिमाचल, हरियाणा के लोग शामिल हैं। घटनास्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी रही। लोग अपने परिानों को खोजने में बेहाल रहे।

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