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भारत-अफगानिस्तान आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे

पाकिस्तान में पनपने वाले सीमा पार आतंकवाद से जूझ रहे भारत और अफगानिस्तान ने इस खतरे का मुकाबला मिल कर करने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान केन्द्रित आतंकवाद के बारे में विचार विमर्श किया। डॉ.सिंह ने घोषणा की कि तालिबानी आतंकवादी हमलों के बावजूद भारत-अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण कार्यक्रम जारी रहेगा। प्रधान मंत्री ने अफगानिस्तान में विकास कार्यो के लिए 45 करोड़ डॉलर के नए सहायता पैकेज की घोषणा भी की। बातचीत के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ.सिंह ने काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में कहा कि इस तरह की घटना भारत को अफगानिस्तान की मदद करने से नही रोक सकेगी तथा दोनों देश मैत्रीपूर्ण सहयोग जारी रखेंगे। डॉ.सिंह ने गत सात जुलाई को काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए हमले को भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती पर हमला बताते हुए कहा कि आतंकवाद बेकाबू हो गया है तथा यह सीमाआें से बंधा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान को निर्मम हत्यारों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि करजई की यात्रा इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण दौर में हो रही है तथा दोनों देश संकल्प व्यक्त करते हैं कि वे आतंकवाद से मिल कर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को आतंकवादी हिंसा से बचाएं। उल्लेखनीय है कि काबुल में हमले के सिलसिले में अफगानिस्तान और अमरीका की खुफिया एजंेसियों ने पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई की आेर उंगली उठाई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने भी इस हमले के लिए आईएसआई को दोषी ठहराया था। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में रविवार को संपन्न दक्षेस शिखर सम्मेलन में भी आतंकवाद का मुद्दा छाया रहा तथा भारत और अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर जोर दिया कि वह आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाए।ं

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