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सुबोध बीए हैं, रामटहल मैट्रिक पास

संविधान में प्रत्येक व्यक्ित को समान अधिकार है। इसी अधिकार से भारत का प्रत्येक नागरिक चुनाव लड़ सकता है। चाहे वह अनपढ़ हो या फिर पढ़ा-लिखा। विकलांग हो या उम्रदराज। सबको यह अधिकार है। झारखंड की राजधानी रांची संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी कितने पढ़े-लिखे हैं,यह जानने का अधिकार यहां की जनता को है। भले ही संविधान में सभी को चुनाव में खड़े होने का अधिकार है, लेकिन कम से कम एक प्रत्याशी को इतनी जानकारी तो होनी चाहिए कि वह क्षेत्र की समस्या को संसद में उठा सके। रांची के कुछ प्रत्याशी काफी पढ़े-लिखे हैं, तो कई मात्र साक्षर हैं। यहां के कांग्रेस प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय ने स्नातक तक की शिक्षा पायी है, वहीं भाजपा प्रत्याशी रामटहल चौधरी मैट्रिक पास हैं। माले प्रत्याशी अंजनी पांडेय ने बीएससी, एलएलबी किया है। सुरंद्र कुमार सुमन बीए पास हैं। बसपा के सरफुद्दीन और मो आजाद मैट्रिक पास हैं, तो लाल बाबा मसानी नौवीं कक्षा तक पढ़े हैं। राजेंद्र सिंह मुंडा मिडिल पास हैं। जीपालाल सिंह इंटर, बिरसा हेम्ब्रम मैट्रिक, रोशन प्रसाद स्नातक, अफसर इमाम स्नातक, रांीत महतो एमए, एलएलबी, आफताब आलम मैट्रिक,ाितेंद्र महतो एमए, रोशनलाल महतो इंटर,नवल किशोर सिंह बीए एलएलबी, रामपोदो महतो नन मैट्रिक, कैलाश पाहन नन मैट्रिक,केशव नारायण भगत एमए पास हैं। पर्यावरण विद् देवेंद्रनाथ ठाकुर ने एमए तक शिक्षा पायी है।

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