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ग्रामीण इलाकों में रोचागार बढ़ाने की पहल

आप गावों में रह रहे हैं तो आपको रोगार हासिल करने और आयस्तर को बढ़ाने का मौका जल्द हासिल हो सकता है। यूपीए सरकार ने निजी क्षेत्र के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में पहली बार ग्रामीण व्यवसाय केंद्र (रूरल बिजनेस हब) स्थापित करने का फैसला किया है। ये केंद्र सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के आधार पर स्थापित किये जाएंगे। इस काम में देश के एक प्रमुख उद्योग चैंबर सीआईआई ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है। मंत्रालय के मुताबिक इस पहल से उद्योग और ग्रामीण जनता के बीच सीधा तालमेल स्थापित कर पाना संभव होगा। सीआईआई यह काम लघु एवं मझोले उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के साथ मिलकर करगा। केवीआईसी यह कदम पंचायती राज मंत्रालय की ओर से ऐसे केंद्र स्थापित करने संबंधी स्कीम के कार्यान्वयन के लिए उठा रहा है। इस सिलसिले में केवीआईसी और पंचायती राज मंत्रालय के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुये हैं। इस मौके पर लघु एवं मझोले उद्योग मंत्री महाबीर प्रसाद और पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर के अलावा सीआईआई के महानिदेशक चरनजीत बनर्जी आदि मौजूद थे। लघु एवं मझोले उद्योग मंत्रालय के मुताबिक पंचायती राज मंत्रालय, केवीआईसी और सीआईआई के साझा प्रयासों से ग्रामीण इलाकों में रोगार के नये मौके पैदा करने के साथ ही उनके आय स्तर को बढ़ाया जा सकेगा। इस पहल के जरिए संयुक्त रूप से विभिन्न ग्रामीण इलाकों में परियोजनाओं की पहचान की जाएगी।

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  • Web Title: ग्रामीण इलाकों में रोचागार बढ़ाने की पहल