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बीएड में एनआरआई कोटा को बदलने का खेल

निाी कॉलेाों में बीएड के एनआरआई कोटे को लेकर ‘खेल’ हुआ। कॉलेाों ने एनआरआई होने का फर्ाी सर्टीफिकेट लेकर छात्रों को भर्ती कर लिया। उनसे ‘डोनेशन’ के नाम पर मोटी रकम ली गई। लेकिन उनके दाखिले पर तलवार लटकती देख निाी कॉलेा एनआरआई कोटे को मैनेामेंट कोटे में तबदील कराने के ‘ाुगाड़’ में लग गए हैं। शासन स्तर पर बीएड में एनआरआई कोटा कॉलेा प्रबंधन के हवाले करने की तैयारी शुरू हो गई है।ड्ढr बीएड में एनआरआई कोटे को लेकर शुरू से खेल हुआ। बीएड की संयुक्त प्रदेश परीक्षा कराने वाले कानपुर विश्वविद्यालय ने अपने विज्ञापन में एनआरआई कोटे काोिक्र नहीं किया था। लेकिन काउंसिलिंग दौरान 15 फीसदी सीटें एनआरआई कोटे के लिए छोड़ दी गईं। इस बारोारी किए गए शासनादेश में पीए इनामदार बनाम स्टेट आफ महाराष्ट्रा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया था। इस आदेश में साफ है कि इस कोटे में केवल अप्रवासीय भारतीयों या उनके बच्चों का दाखिला लियाोाएगा। ये दाखिला भी प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर होगा। चूँकि प्रवेश परीक्षा के विज्ञापन में एनआरआई कोटे काोिक्र नहीं था इसलिए अप्रवासीय भारतीय इस परीक्षा में बैठे ही नहीं। एनआरआई कोटे की रिक्त सीटों पर छात्रों से डोनेशन लेकर दाखिले कर लिए गए। छात्रों ने अप्रवासी भारतीय होने के फर्ाी सर्टीफिकेट लगाए। कई कॉलेाों ने तो छात्रों से शपथपत्र ले लिया कि अगर उनका दाखिला किसी कारण से निरस्त होता है तो इसकीोिम्मेदारी कॉलेा की नहीं होगी। अब इन दाखिलों को नियमित करने के लिए निाी कॉलेा एनआरआई कोटे को मैनेामेंट कोटे में तब्दील कराने केोुगाड़ मेंोुट गए हैं। शासन भी ‘ानहित’ में15 फीसदी सीटों पर दाखिला लेने का अधिकार कॉलेाों के हवाले करने की तैयारी कर रहा है।

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  • Web Title: बीएड में एनआरआई कोटा को बदलने का खेल