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राज्य के बजट में बच्चों को तवज्चाो नहीं : क्रेचा

झारखंड में बच्चों का भविष्य संवारने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। थोड़ा बहुत ध्यान भी दिया गया तो वर्ष 2003-04 से। इन वषों में बच्चों के लिए औसतन मात्र 15.11 प्रतिशत राशि का इंतजाम किया गया। इन चार वषों में स्टेट का बजट से बढ़ कर 16603.80 हुआ।ड्ढr यह सही है कि इस दौरान बच्चों के लिए बजट 1420 करोड़ रुपये से 240 करोड़ रुपये रखा गया जो औसतन 0.40 प्रतिशत हुआ।ड्ढr कैंपेन फार राइट टू एजुकेशन इन झारखंड द्वारा सेंटर फार चाइल्ड राइट्स की भागीदारी और क्राइ के सहयोग से तैयार की गयी रिपोर्ट में राज्य सरकार के बजट में बच्चों के लिए प्रावधान को नहीं के बराबर माना गया है। झारखंड में बच्चों की स्थिति और बच्चों के लिए बजटीय प्रावधान का अध्ययन दूसर सात राज्यों के साथ क्रेा ने फोर्ड फाउंडेशन के सहयोग से किया है। क्रेा ने बजट फार चिल्ड्रेन नामक पुस्तक प्रकाशित की है। इसमें इसका जिक्र है।ड्ढr स्कॉलरशिप बांटने की मांगड्ढr रांची। झारखंड मुसलिम मजलिस-ए-मुशावरत के महासचिव खुर्शीद हसन रूमी ने केंद्र से मिली स्कॉलरशिप की राशि जल्द अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के बीच बांटने की मांग की है।ड्ढr

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