DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हड़ताल पर सीएम गंभीर, ली जानकारी?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग

लगभग दो सप्ताह से सचिवालय सहायकों की चल रही हड़ताल से चिंतित सीएम मधु कोड़ा अब व्यक्ितगत रुचि लेकर इसे समाप्त कराने में जुट गये हैं। मंगलवार को उन्होंने राज्य के आलाधिकारियों को बुलाकर सचिवालय सहायकों की मांग की विस्तार से जानकारी ली। उनकी मांगों को मानने के बाद के प्रभाव और तकनीकी पहलुओं को भी समझा। इस मुद्दे पर विमर्श में सीएस एके बसु, कार्मिक सचिव आरएस शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह और अलका तिवारी उपस्थित थीं। जानकारी के अनुसार सचिवालय सहायकों के मुद्दे पर विमर्श के बाद राज्य के इन आलाधिकारियों ने आपस में मांगों पर सहमति बनायी है। हालांकि उसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। अब एक-दो दिन में हड़ताली कर्मचारियों को बुलाकर उनके साथ बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश की जायेगी।पशुओं का इलाज शुल्क हुआ माफ रांची। पशु-पक्षी के इलाज, बंध्याकरण एवं टीकाकरण के लिए अब राज्य के पशुपालकों को पैसा नहीं देना होगा। सरकार ने इसे माफ कर दिया है। हालांकि कृत्रिम गर्भाधान (एआइ) के लिए 20 रुपये देने होंगे। तत्कालीन पशुपालन सचिव राजबाला वर्मा ने शुल्क खत्म करने की पहल की थी। एकीकृत बिहार में सरकार द्वारा इलाज, बंध्याकरण एवं रोगों की रोकथाम करने के लिए शुल्क तय हुआ था। इसमें पशुपालकों से 50 पैसे से लेकर दो रुपये तक लिये जाते थे। श्रीमती वर्मा का मानना था कि यहां के अधिकतर पशुपालक एसटी, एससी, ओबीसी एवं गरीब तबके के हैं। सरकार अपने स्तर पर उनके पशुओं का विकास एवं समुचित सुरक्षा दे सकती है। इसका प्रस्ताव उन्होंने मंत्री नलिन सोरन को भेजा था। उनकी मंजूरी के बाद यह कैबिनेट में गया। इस निर्णय से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हड़ताल पर सीएम गंभीर, ली जानकारी?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग