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कृषि विकास रोड मैप: सहयोगियों की कमी से बढ़ रही परेशानी

राज्य में कृषि विकास के रोड मैप पर काम तो शुरू हो गया लेकिन विभाग में खाली पड़े पदों को भरने का खाका अब भी तैयार नहीं हो सका है। चार वर्षो में उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ सरकार के कदम जसे-ौसे आगे बढ़ते जा रहे हैं अधिकारियों के माथे पर बल पड़ते जा रहे हैं। सहयोगियों की कमी उनके लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। स्थिति यह है कि राज्य के लगभग एक तिहाई जिलों में जिला कृषि पदाधिकारी के पद के प्रभार में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हैं तो प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के लगभग आधे पदों पर प्रभारी अधिकारी हैं। कई जिलों में विभाग का एक अधिकारी पांच पदों के प्रभार में हैं।ड्ढr ड्ढr नतीजा यह है कि लक्ष्य नहीं प्राप्त करने वाले अधिकारियों ने स्पष्ट जवाब देना शुरू कर दिया है। हाल में बागवानी मिशन की योजना की समीक्षा के दौरान पता चला कि कई जिलों में योजनाओं की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है। तत्कालीन सचिव ने उन अधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछने का आदेश जारी किया तो जवाब में अधिकारियों ने एक ही रोना रोया-‘ वे कई पदों के प्रभार में हैं, ऐसे में लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं है’। उधर प्रखंड कृषि अधिकारियों को लेकर एक अलग समस्या है।ड्ढr कृषि योजनाओं से उनकी बेरूखी को पूर्व में विभागीय मंत्री नागमणि ने भी स्वीकारा था। अक्सर ये शिकायतें मिलती हैं कि ये अधिकारी ग्रामीण कार्य विभाग के काम में ही ज्यादा व्यस्त रहते हैं। कारण है कि उन्हें वेतन ग्रामीण कार्य विभाग से मिलता है नतीजा वे बीडीओ के ‘डिस्पोजल’ पर ही रहते हैं। हालांकि मंत्री ने तब यह भी कहा था कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण कर लिया जायेगा।ड्ढr ड्ढr विजेन्द्र को परिवहन विभाग का भी जिम्माड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव परिवहन विभाग के भी प्रभारी मंत्री होंगे। नीतीश कैबिनेट के वे पांचमें मंत्री हैं जिन्हें किसी न किसी विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पिछले काफी समय से परिवहन मंत्री का पद रिक्त था। निवर्तमान परिवहन मंत्री रामांनद सिंह द्वारा निगरानी मामले में आरोपी होने के कारण दिए गए इस्तीफे की वजह से परिवहन मंत्री का पद खाली था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रभार में था। हालांकि विजेन्द्र प्रसाद यादव को यह प्रभार देने के बाद भी नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या पूर्ववत रहेगी। इस समय नीतीश मंत्रिमंडल में 27 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और एक राज्यमंत्री हैं। इनमें से ऊर्जा मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह के पास संसदीय कार्य, विधिमंत्री रामनाथ ठाकुर के पास सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का, विज्ञान प्रावैधिकी मंत्री शाहिद अली खान के पास अल्पसंख्यक कल्याण का और पंचायती राज मंत्री हरि प्रसाद साह के पास पिछड़ा-अति पिछड़ा कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार है। बीते विधानमंडल सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के विभागों से सम्बद्ध उत्तर देने और विधायी कार्यो के लिए आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री नीतीश मिश्रा को परिवहन विभाग का प्रभार दिया गया था।ं

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