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नौकरशाह भी आजमा रहे हैं किस्मत

राजस्थान में लोकसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने अपने कार्यकर्ताआें को दरकिनार कर सरकारी और गैर सरकारी सेवा में कार्यरत रहे कम से कम पांच लोगों को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने बीकानेर से अजरुन मेघवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे तथा इस पद से उन्होंने हाल ही में त्याग पत्र दिया है। मेघवाल बीकानेर में कलेक्टर भी रहे हैं।ड्ढr इसी तरह कांग्रेस ने भारतीय पुलिस सेवा के लक्ष्मण मीणा को दौसा से प्रत्याशी बनाया है। मीणा ने भी हाल ही में त्याग पत्र दिया है। राय में कांग्रेस सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक डा. किरोड़ी लाल मीणा को लेकर कांग्रेस में काफी कशमकश के बाद पुलिस सेवा के उच्चाधिकारी को ही चुनाव मैदान में उतारना उचित समझा।ड्ढr ड्ढr कांग्रेस ने भरतपुर से भी जलदाय विभाग में मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत अधिकारी रतन सिंह को उम्मीदवार बनाया है। यह क्षेत्र सुरक्षित होने के बाद कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताआें में योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सका। इसी तरह राय से बाहर निवेश कारोबार में कार्यरत डां योति मिर्धा को कांग्रेस ने नागौर से उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस को भी अपने कार्यकर्ताआें में योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सका।ड्ढr अलबत्ता डां. मिर्धा की पारिवारिक पृष्ठ भूमि राजनीतिक रही है तथा उनके दादा नाथूराम मिर्धा का राय की राजनीति में काफी दबदबा रहा है। इधर कोटा से भाजपा का टिकट हासिल करने वाले श्याम शर्मा सार्वजनिक निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता थे। भाजपा कार्यकर्ताआें ने शर्मा को हाथों हाथ नहीं लिया तथा अपना विरोध प्रकट करने में भी कोर कसर नहीं रखी। भाजपा के टोंक सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला भी सेना में अफसर रहे हैं तथा गुर्जरों को जनजाति में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के अगुवा थे। इस चुनाव में इनके अलावा तीन ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिनकी पृष्ठभूमि भी नौकरी पेशा रही है। केन्द्रीय पर्यावरण रायमंत्री नमोनारायण मीणा भी पुलिस में उच्च पद पर थे तथा उन्होंने पिछला चुनाव सरकारी नौकरी से त्याग पत्र देकर लडा था। इस बार कांग्रेस ने टोंक संवाईमाधोपुर से उन्हें उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह भाजपा के टिकट पर उदयपुर से चुनाव लड़ रहे महावीर भगौरा समाज कल्याण विभाग में उपनिदेशक थे तथा पिछला चुनाव उन्होंने सलूम्बर से जीता था। बांसवाड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार ताराचंद भगौरा भी टेलीफोन विभाग में नौकरी करते थे तथा वह 1और 1में सांसद चुने गए थे।

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