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शिक्षकों का पलायन रोकने को हरकत में आया यूजीसी

उच्च शैक्षिक संस्थानों में दाखिला दर 15 फीसदी करने की योजना के तहत सरकार ने विश्वविद्यालयों और कालेजों को अनेक सुविधायें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया है। शिक्षकों के पलायन पर काबू पाने के लिए सरकार उन्हें अनेक तरह की अकादमिक और अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए धन देगी। 11वीं पंचवर्षीय योजना में मौजूदा लगभग 11 फीसदी दाखिला दर में चार फीसदी वृद्धि के साथ 15 फीसदी का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षकों के घरों पर मुफ्त इंटरनेट और पुस्तकें उपलब्ध कराई जायेंगी। शोधार्थियों को वजीफे के साथ अनुसंधान की सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी। सरकार ने मौजूदा अवधि में शिक्षा पर जीडीपी का छह फीसदी खर्च का लक्ष्य निर्धारित किया है। 15 फीसदी दाखिला लक्ष्य पाने के लिए अगले पांच सालों में विश्वविद्यालयों में 2.10 करोड़ और कालेजों में 6.13 करोड़ अतिरिक्त छात्रों के दाखिले को अंजाम दिया जायेगा। दुनिया के देशों में उच्च शिक्षा क्षेत्र में औसत दाखिला दर 23.2 फीसदी है। बारहवीं योजना (2017) तक उच्च शिक्षा में 21 फीसदी दखिला दर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शैक्षिक केंद्रों की स्थापना में असंतुलन दूर करने के लिए 11 वीं योजना में 370 पिछड़े जिलों में कालेज खोले जायेंगे। 14 राज्यों- बिहार, छत्तीसगढ़,गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-काश्मीर, पंजाब, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनडु और उत्तराखंड में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोले जायेंगे। छात्रों में विदेशी आकर्षण कम करने के लिए देश में विश्वस्तरीय केंद्रीय विवि खोले जायेंगे।

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  • Web Title: शिक्षकों का पलायन रोकने को हरकत में यूजीसी