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सूरत सुधारने के लिए पर्याप्त फंड चाहिए

सूबे में एनएच की हालत में सुधार के लिए विभागीय सचिव एनएन सिन्हा के दफ्तर में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें केंद्रीय चीफ इंजीनियर आरपी इंदौरिया समेत झारखंड के सभी प्रमुख इंजीनियर शामिल थे। मैराथन बैठक में विभिन्न एनएच तथा स्वीकृत योजनाओं पर चर्चा की गयी। एनएच की सूरत बदलने को सचिव ने चीफ इंजीनियर से पर्याप्त फंड देने पर जोर दिया। सचिव ने कहा कि पार्ट में योजनाओं की स्वीकृति से सड़कों की बेहतर नेटवर्किंग खड़ा करने में दिक्कत है। एनएच 80 (साहेबंगज-फरक्का) की खराब हालत में सुधार के लिए शीघ्र स्पेशल पैकेा देने पर जोर दिया गया।ड्ढr एनएच 33 पर रामगढ़ तथा रांची रोड पुल के चौड़ीकरण- मजबूतीकरण के लिए फंड मांगा गया। बताया गया कि रांची रोड स्थित रलवे लाइन पर पुल काफी संकरा तथा जर्जर है। सचिव ने एनएच 75 -इ में कई जगहों पर आरओबी बनाने के लिए योजना स्वीकृत करने पर ध्यान खींचा। बताया गया कि आरओबी बनाने की सभी शर्त पूरी हो रही हैं। राष्ट्रीय उच्च पथों की हालत ठीक रखने तथा सड़क हादसों के मद्देनजर फ्लैंक्स निर्माण के लिए अलग से फंड मांगा गया। सचिव ने अटकी (पेिडग) योजनाओं की सूची पर भी चर्चा की। केंद्रीय चीफ इंजीनियर ने भरोसा दिलाया कि शीघ्र ही स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होगी।ड्ढr नेशनल गेम के मद्देनजर एनएच 33 में नामकुम पुल से बूटी तक (10 किमी) सड़क को कम-से- कम 10 मीटर चौड़ा करने के लिए भी फंड मांगा गया। एनएच 75-इ (रांची- खूंटी- चाईबासा- जतगढ़) के डबल लेन को लेकर सभी तकनीकी बिंदुओं पर चर्चा की गयी। केंद्र से कहा गया कि रांची में एनएच के लिए कंबाइड भवन बनवा दें। सचिव ने इस बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर (केंद्र) योजनाओं की स्वीकृति के प्रति गंभीर हैं।

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