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अभी सचिवालय जल रहा है, अब झारखंड जलेगा

हड़ताल पर चल रहे सचिवालय सहायकों को बुधवार को सरकार की ओर से वार्ता के लिए आमंत्रण पत्र के बदले टेंट-शामियाना हटाने का लेटर थमा दिया गया। प्रोजेक्ट भवन के सामने धरणा पर बैठे सचिवालय सहायक इससे उग्र हो गये और सरकार के खिलाफ आग उगलने लगे। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे झारखंड सचिवालय सेवा संघ के महामंत्री डीएन चौधरी ने कहा कि अब सरकार सम्मानजनक हल निकालने के बदले दमनात्मक कार्रवाई पर उतर गयी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हड़ताली कर्मचारी अपना टेंट और शामियाना नहीं हटायेंगे। भले ही उन्हें लाठी-गोली ही क्यों नहीं खानी पड़े।ड्ढr चौधरी ने कहा कि अब तक उन लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन किया है । परंतु सरकार अपने रवैये से कर्मचारियों को उग्र होने के लिए उकसा रही है। फिलहाल तो हड़ताल के कारण सचिवालय जल रहा है, सरकार का यही रवैया रहा तो पूरा झारखंड जलेगा। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि राज्य के सबसे काबिल अधिकारी के सामने उनकी मांगों पर तार्किक बहस हो। उस तार्किक बहस में अगर वे हार जाते हैं, तो सचिवालय सेवा संघ अपनी मांगों को वापस ले लेगा। हड़ताल समाप्त कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम द्वारा बातचीत से समाधान के बदले इस तरह के कदम से कर्मचारियों को दुख पहुंचा है और वे अपने हक की लड़ाई के लिए और दृढ़ संकल्पित हुए हैं। मांगों की पूर्ति तक हड़ताल जारी रहेगा और सरकार की जबरदस्ती का जवाब भी दिया जायेगा।

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