DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकार डाल-डाल मुशर्रफ पात-पात

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने बुधवार को कानून मंत्रालय की सलाह पर सिंध हाईकोर्ट के बर्खास्त जजों में से आठ को बहाल कर दिया। इनमें उनके आलोचक बर्खास्त मुख्य न्यायाधीश सबीउद्दीन अहमद शामिल नहीं हैं। मुशर्रफ ने पिछले साल नवंबर में इमर्जेसी लागू करने के बाद करीब साठ जजों को बर्खास्त कर दिया था। राष्ट्रपति के इस फैसले को उनपर महाभियोग लगाने पर आमादा सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच मतभेद पैदा कर अपनी खाल बचाने के प्रयास के बतौर देखा जा रहा है। उनकी यह कोशिश कुछ हद तक सफल होती दिख पड़ी जब सत्ताधारी पीपीपी से उसकी साझीदार नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने केवल आठ जजों को ही बहाल करने के फैसले पर तगड़ा एतराज जताया। मुशर्रफ पर महाभियोग लगाने और सुप्रीम कोर्ट के बर्खास्त मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार एम. चौधरी समेत सभी बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली पर गठबंधन के दोनों दलों के बीच दूसर दिन भी बातचीत बेनतीजा रही। शरीफ की पार्टी चाहती है कि सभी न्यायाधीशों को बहाल किया जाए और ऐसा होने तक आठ न्यायायधीशों की बहाली की अधिसूचना वापस ले ली जाए। दोनों दलों के बीच तनातनी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीपीपी के अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी से बातचीत के लिए नवाज शरीफ ने अपने बजाय अपने भाई व पंजाब के मुख्यमंत्री शहवाज शरीफ को भेजा। वैसे मंगलवार को ही दोनों दलों की बैठक में मुशर्रफ पर महाभियोग लगाने का फैसला हुआ था।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सरकार डाल-डाल मुशर्रफ पात-पात