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नई बिचाली नीति पर अमल शुरू

प्रदेश में ताप बिाली उत्पादन की नई नीतिोारी होने के साथ ही नए बनने वाले बारा व करछना बिालीघरों में नई नीति के प्रावधानों को समायोित करने का काम शुरू हो गया है। पावर कार्पोरशन ने बुधवार को करछना बिालीघर के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन (आरएफक्यू) का मसौदा विद्युत नियामक आयोग में दाखिल किया। आयोग की मांूरी मिलने के बाद बिालीघर के लिए ग्लोबल टेण्डरोारी होगा। करछना की मूल प्रस्तावित क्षमता 1320 मेगावाट है। 660 मेगावाट की दो इकाइयाँ लगनी हैं। इस इकाई की उत्पादित बिाली का अस्सी फीसदी निर्माता कंपनी बार में बेच सकेगीोबकि बाकी बीस फीसदी यूपी को मिलेगा। इन दोनों बिालीघरों के लिए पहले दो बार टेण्डर रद्द हो चुके हैं। बारा के लिए आरएफक्यू एक-दो दिन में दाखिल होगा। इसमें निर्माता कंपनी को दो अतिरिक्त इकाइयाँ बनाने का विकल्प होगा। अभी बारा की प्रस्तावित क्षमता 10 मेगावाट है। इसके तहत 660 मेगावाट की तीन इकाइयाँ लगनी हैं। बारा की निर्माता कंपनी मैनपुरी तक ट्रांसमिशन लाइनड्ढr भी बनाएगी।

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