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बोगियों में कीड़े-मकोड़े मिले तो 30 गुना तक जुर्माना

पूर्व मध्य रलवे ने डिब्बों के उच्चस्तरीय रखरखाव के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत सबसे पहले तो सभी बड़े कोचिंग डिपो पर मेकानाइज्ड कोच क्िलनिंग सिस्टम सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा वातानुकूलित बोगियों के अलावा पैंट्री कारों में पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट की अवधि एक माह से घटाकर 15 दिन कर दी गयी है। रलवे ने सफाई के बावजूद कीड़े-मकोड़े पाए जाने की स्थिति में संबंधित पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट एजेंसियों से 30 गुने तक जुर्माना वसूलने का कठोर नियम भी बनाया है। राजधानी पटना से खुलने वाली गाड़ियों का दानापुर मंडल के तहत प्राइमरी मेंटेनेंस किया जाता है।ड्ढr ड्ढr उन ट्रनों में पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट कानपुर की प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल एजेंसी द्वारा किया जाता है। पटना-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रस, संपूर्ण क्रांति, पटना-कुर्ला एवं हावड़ा-दानापुर एक्सप्रस आदि महत्वपूर्ण गाड़ियों के साथ-साथ अन्य प्राइमरी मेंटेनेंस वाले ट्रनों में पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट पटना, राजेन्द्रनगर कोचिंग काम्पलेक्स, दानापुर एवं राजगीर में किया जाता है। रलवे द्वारा कोचिंग डिपो में सवारी डिब्बों के रखरखाव के दौरान वहां पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट भी किया जाता है। दूसर रल जोनों से आने वाली गाड़ियों जैसे संघमित्रा एक्सप्रस, पटना-हटिया आदि ट्रनों का रखरखाव और पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट संबंधित रल जोनों द्वारा ही किया जाता है। दानापुर मंडल इस अभियान पर सालाना पांच लाख रुपए खर्च करती है। रल प्रशासन ने पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट के बावजूद कीड़े-मकोड़े या कॉकरोच के मामले सामने आने पर संबंधित एजेंसी से पहली बार उनकी दर से 10 गुना, दूसरी बार 20 गुना और तीसरी बार 30 गुना राशि वसूलने का प्रावधान भी किया है।

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  • Web Title: बोगियों में कीड़े-मकोड़े मिले तो 30 गुना तक जुर्माना