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कैसे निपटें नक्सल समस्या सेस्टेन स्वामी

समिति की रिपोर्ट में नक्सलियों की आय के स्रोत पर भी प्रकाश डाला गया है। उन्हें पैसे देने वालों में बड़े-छोटे राजनीतिज्ञ, भ्रष्ट सरकारी पदाधिकारी, व्यापारी और बड़े जमींदार शामिल हैं। हिंसा का डर उन्हें पैसे देने को बाध्य करता है। कई लोग इस संगठन से सहानुभूति भी रखते हैं और उन्हें मदद पहुंचाते हैं। समिति ने रिपोर्ट में नक्सलवाद की समस्या से निबटने के लिए आठ सुझाव दिये हैं, जो इस तरह हैं।ड्ढr गरीब लोगों की जमीन और उनके अधिकार सुरक्षित रखने के लिए पेसा कानून, नरगा कानून और वन अधिकार मान्यता कानून-2006 को लागू करना निहायत जरूरी है।ड्ढr गरीबों द्वारा लिए गये र्का की पूर्ण माफी की जाये। यदि र्का लेने वाले ने मूल राशि वापस कर दी हो अथवा जिन मामलों में र्का लेने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका हो, वैसे मामलों में इसे पूरी तरह माफ कर दिया जाना चाहिए।ड्ढr जनहित के लिए भूमि अधिग्रहण को सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों से ही जोड़ा जाना चाहिए। लोक कल्याण के नाम पर कंपनियों, कोऑपरटिव और निबंधित सोसाइटी के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए।ड्ढr भूमि अधिग्रहण (संशोधन) कानून 2007 के संशोधनों पर विस्थापन को न्यूनतम करने और विस्थापितों के अधिकार की सुरक्षा के लिए पुनर्विचार किया जाना चाहिए।ड्ढr विस्थापन रोकने के लिए पेसा कानून द्वारा ग्राम सभा को दिये गए अधिकार के दायर में अनुसूचित क्षेत्रों से बाहर के अजा, अजजा वर्ग को लाया जाना जरूरी है।ड्ढr ट्राइबल सब प्लान को पांचवी अनुसूची के तहत लाने, लघु वनोपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और वन कानून के तहत अजजा और कमजोर वर्ग पर दायर छोटे मामलों को खारिा किया जाना चाहिए।ड्ढr वनाधिकार अधिनियम 2006 को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिये। इससे उग्रवाद से प्रभावित लोगों का समुचित पुनर्वास होगा और रोगार भी मिलेंगे।ड्ढr नक्सलवादियों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए वे जिस क्षेत्र में रहते हैं, उस क्षेत्र के खनिज बहुल क्षेत्रों में उन्हें भागीदारी (स्टेक इन) देना होगा। इससे उनमें जमीन को लेकर सुरक्षा की भावना आयेगी। समाप्तड्ढr (लेखक सामाजिक कार्यकर्ता हैं)

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  • Web Title: कैसे निपटें नक्सल समस्या सेस्टेन स्वामी