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सावधान! रांची पुलिस आपको अपहर्ता न बना दे

सावधान! रांची पुलिस किसी को भी अपहर्ता करार देकर सलाखों के भीतर डाल सकती है। वह नंदलाल नायक जसे नेशनल फेम के कलाकार को भी झूठा प्लॉट गढ़कर अपराधी घोषित कर सकती है। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार तक पुलिस के चंद अफसरों ने एसा कारनामा किया, जिसने पूर पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है।ड्ढr पुलिस ने चार कलाकारों-संस्कृतिकर्मियों को मंगलवार की आधी रात राजधानी के एक होटल से उठाकर उन्हें अपहर्ता घोषित कर दिया। वायरलेस पर इसकी सूचना भी प्रसारित कर दी गयी। इन्हें 20 घंटे तक उन्हें मानसिक यंत्रणाएं दी गयीं। जब मामले ने तूल पकड़ा, तो जांच हुई और पूरा मामला फर्जी पाया गया। शाम सात बजे इन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि यह फर्ाी मामला राज्य के डिप्टी सीएम स्टीफन मरांडी और राज्य सरकार के एक अफसर की जानकारी में हुआ। कलाकार खुद को निर्दोष बताते गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी।ड्ढr पूरी घटना इस प्रकार है। पांच अगस्त की रात 10 बजे महेंद्र सिंह, नंदलाल नायक और एक अन्य व्यक्ित रांची स्टेशन पहुंचे। ये हटिया-हावड़ा एक्सप्रस से जानेवाले अपने एक मेहमान को छोड़ने गये थे। 10.05 बजे उप मुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी स्टेशन पहुंचे। उन्हें देखते ही कोलकाता की एक कंपनी कला संगम से जुड़ा बबुआ भौमिक दौड़ते हुए उनके पास पहुंचा और महेंद्र सिंह को अपहर्ता बताने लगा। मंत्री को बताया गया कि महेंद्र अपने गुर्गो के साथ यहां उसका अपहरण करने पहुंचा है, 25 लाख रुपये रंगदारी मांग रहा है। उस समय प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल नायक प्लेटफार्म टिकट खरीद रहे थे। मंत्री के अंगरक्षकों ने महेंद्र को पकड़ लिया और रलवे थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया। उसे हथकड़ी भी लगा दी गयी। महेंद्र खुद के निर्दोष होने की दुहाई दे रहा था, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। 20 मिनट तक हंगामा हुआ। इस बीच ट्रन चली गयी। उसके बाद रांची पुलिस अचानक हरकत में आ गयी। थाने के फोन की घंटी घनघनाने लगी। इस बीच नंदलाल नायक कैपिटोल रसीडेंसी होटल पहुंचे। वहां देवघर में बाबा वैद्यनाथ धाम विश्व महोत्सव के इंवेंट मैनेजर राहुल चंद्रा ठहर हुए थे। पूर झारखंड में 12 स्थानों पर यह फेस्टिवल होना है। देवघर में 16, 17 और 18 अगस्त को इस कड़ी का पहला आयोजन है। वह इवेंट मैनेजर के पास जाकर घटना की जानकारी दे रहे थे कि करीब 12.30 बजे लोअर बाजार, रांची रल थाना और चुटिया थाने के 30-35 पुलिसकर्मियों का दल होटल पहुंचा और राहुल चंद्रा, नंदलाल नायक और दिलीप पावेल को दबोच लिया। उन्हें इस तरह पकड़ा गया जैसे बड़े शातिर अपराधी हों। उन्हें जीप में पीछे बिठा दिया गया। महेंद्र को चुटिया थाना में रखा गया था। नंदलाल नायक, राहुल और दिलीप को रांची रलवे थाना में। छह अगस्त की सुबह से ही यह योजना थी कि इन्हें किसी भी हाल में जेल भेजा जाये, फंसाया जाये। शाम में रल की एडीजीपी कुमुद चौधरी थाना पहुंचीं। उन्होंने जब सब कुछ देखा तो हैरत में आ गयीं। तुरंत सभी को मुक्त किया और इस पूर मामले को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि न तो किसी का अपहरण हुआ था और न ही रंगदारी की बात है। उनके मुताबिक शिकायतकर्ता ने जो आवेदन रल थाना को दिया है, उसमें उसका हस्ताक्षर तक नहीं है। वह यहां है भी नहीं। अपहरण की बात तो कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मामला रलवे स्टेशन पर हुआ, तो लोअर बाजार और रांची पुलिस कैसे आ गयी, यह खुद जांच का विषय है। दुखी हैं राहुल चंद्रा, कहा अब काम नहीं करंगेड्ढr देवघर में आयोजित बाबा वैद्यनाथ धाम विश्व महोत्सव के इवेंट मैनेजर राहुल चंद्रा इस घटना से काफी दुखी हैं। उन्होंने अब विश्व महोत्सव का आयोजन करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अब पर्यटन विभाग तय कर कि वह क्या करवायेगा। यहां तो कलाकारों को ही अपहर्ता बताया जाता है। उनके मुताबिक वे बार-बार पुलिस के समक्ष गिड़गिड़ा रहे थे। कह रहे थे कि मैंने अपहरण नहीं किया है और न मेर लोग इसमें शामिल हैं। पहले मुझसे झूठ बोला गया, फिर बाद में कहा गया कि अपहरण और रंगदारी से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। जो नन बेलेबुल है। उनके मुताबिक पुलिस वालों को कहा गया था कि राहुल चंद्रा और उनके लोगों को फंसाया जाये। क्या है पूरा मामलाड्ढr पूरा मामला ठेकेदारी से जुड़ा है। पर्यटन विभाग 12 स्थानों पर फेस्टिवल करने वाला है। हरक स्थान पर ढाई करोड़ खर्च होंगे। राहुल चंद्रा को देवघर में महोत्सव आयोजित करना है, जिसका आदेश भी विभाग से मिल चुका है। 28 जून को एक टेंडर हुआ। उसके बाद देश के 380 और विदेशी 200 संस्कृतिकर्मियों को न्योता देने के लिए फिर टेंडर हुआ। कोलकाता की एक कंपनी ने सबसे कम दर पर टेंडर डाला। कला संगम कंपनी के बबुआ भौमिक को लगा कि उन्हें हानि होगी तो वे राहुल से मिले और कोई रास्ता निकालने को कहा। राहुल ने ना कर दिया और कहा कि यह विश्वस्तरीय महोत्सव शानदार ढंग से मनेगा। उन्होंने कहा कि भौमिक चाह रहे थे कि किसी तरह काम हो जाये। जब एसा नहीं हुआ, तो उन्होंने रांची रलवे स्टेशन पर वित्त मंत्री के समक्ष उन लोगों को फंसा दिया।ं

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