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एसईचोड पर शीर्ष मंत्रियों के बीच सहमति नहीं

सरकार की विवादित स्कीम विशेष आर्थिक जोन (एसईोड) को लेकर शीर्ष मंत्रियों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। लिहाजा, इस मसले पर विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह (ाीओएम) की कई घंटे चली बैठक बेनतीजा साबित हो गई। बैठक में वित्त मंत्री पी.चिदंबरम भी मौजूद थे। बैठक के बाद वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने संवाददताओं से बात करते हुये कहा है कि एसईोड के लिए निर्धारित अधिकतम एरिया सीमा 5000 हेक्टेयर में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर विचार किया गया लेकिन संसद ने अभी तक पुनर्वास नीति को हरी झंडी नहीं दी है। इसलिए इस पर फिलहाल कोई फैसला संभव नहीं है। कमलनाथ के मुताबिक इस पर तब तक बदलाव संभव नहीं है जब तक कि किसानों और भूमि स्वामियों के हितों के संरक्षण की पूरी व्यवस्था न हो। एसईोड के जरिए आर्थिक विकास की नीति को जारी रखा जाएगा। जीओएम की ओर से इस मसले पर फिलहाल चुप्पी साधने से एरिया सीमा में छूट की उम्मीद लगाये कई कंपनियों का निराश होना तय है। एसईोड कंपनियों को विभिन्न प्रकार के करों में रियायत दी गई है। इसलिए फिलहान इन कंपनियों पर 12.5 फीसदी के न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को लागू करने के प्रस्ताव पर भी जीओएम में चर्चा हुई। कमलनाथ ने बताया कि इस पर विचार विमर्श जरूर हुआ लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका। इस मुद्दे पर जीओएम में चर्चा आगे भी जारी रहेगी।ड्ढr

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