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भारी पड़ेगा विस समितियों की बैठकों में न चााना

विधानसभा की समितियों की बैठकों में नोाने पर अब अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला भी बन सकता है। संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर सेोारी परिपत्र में कहा गया है कि विधानसभा की समितियों की बैठकों में साक्ष्य के लिए बुलाएोाने पर शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव-सचिव किसी न किसी वाह का हवाला देकर आम तौर पर गैरमौाूद रहते हैं। इससे न सिर्फ बैठकों का उद्देश्य विफल होोाता है बल्कि सदस्यों का वक्त भी खराब होता है। समिति का काम भी बेवाह प्रभावित होता है। यह ठीक नहीं।ड्ढr परिपत्र में कहा गया है कि विधानसभा के अध्यक्ष ने इस स्थिति पर भारी नाराागीोताई है। मुख्य सचिव भी पहले कह चुके हैं कि एसी बैठकों में प्रमुख सचिव-सचिवोरूरोाएँ। किसी वाह से नोा पा रहे हों तो समिति के सभापति से लिखित या मौखिक मांूरीोरूर ले लें। लेकिन इस पर कोई अमल नहीं हो रहा। संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव ने अपने परिपत्र में लिखा है कि एसे मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनार इन पर रोक लगाने के लिए विधानसभा सचिवालय नेोानकारी दी है कि विधानसभा समितियाँ अफसरों के इस रवैए को विशेषाधिकार हनन मानते हुए कार्रवाई कर सकती हैं।

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