DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीएफ घोटाला:सुनवाई से एक और चाचा हटे

देश की सर्वोच्च अदालत ने खुद को शायद ही कभी इतना असहा महसूस किया हो। करोड़ों रुपए के गााियाबाद पीएफ घोटाले की सुनवाई कर रही पीठ के न्यायाधीशोस्टिस बीएन अग्रवाल ने आरोपितों को बचाने का आरोप लगने से आहत होकर खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया। इससे पहले प्रधान न्यायाधीशोस्टिस केाी बालाकृष्णन ने भी स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था। गुरुवार को हुए इस अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद पीएफ घोटाला एक बार फिर प्रधान न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया गया है।ड्ढr अदालत में यह असहा स्थिति तब पैदा हुईोब याचिका दायर करने वाले ‘ट्रांस्परसी इंटरनेशनल’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांतिभूषण ने दलील रखते हुए सुप्रीम कोर्ट पर भ्रष्टोाों को बचाने का आरोप लगा दिया। इस परोस्टिस अग्रवाल ने प्रतिवाद करते हुए ‘अवमाननाोनक’ टिप्पणी वापस लेने को कहा लेकिन शांतिभूषण ने कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं और अदालत उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर सकती है।ड्ढr इस परोस्टिस अग्रवाल ने कहा की, ‘यदि एक पूर्व कानून मंत्री और वकील ये आरोप लगा रहे हैं तो मैं इस मामले की सुनवाई नहीं करूँगा। संवैधानिक संकट खड़ा होता है तो हो। कम से कम मैं सुनवाई नहीं करूँगा। आप एक अधिवक्ता की तरह नहीं गली के लड़कों की तरह व्यवहार कर रहे हैं।’

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पीएफ घोटाला:सुनवाई से एक और चाचा हटे