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खुद की तरह दूसरों को बूथ लुटेरा न समझे राजद

एनडीए ने राजद को सलाह दी है कि वह खुद की तरह दूसर दलों को बूथ लुटेरा न समझे। राजद ने बूथ लूट के जरिए ही 15 साल शासन किया। एक बार कड़ाई से मतदान हुआ तो राजद की मिट्टी पलीद हो गई। पार्टी के प्रवक्ता विजय कुमार चौधरी, अनिल पाठक और रवींद्र सिंह ने कहा कि राजद शासनकाल में ही बिहार बूथ लूट के लिए पूर देश में बदनाम हुआ। यहां महीनों तक चुनाव हुए और सैकडों लोगों की जानें गईं। जदयू ने कहा कि उसे विकास के आधार पर जनसमर्थन की उम्मीद है। एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार में हुए लोकसभा और विधानसभा के उप चुनावों में राजद का खाता नहीं खुला। राजद को अहसास है कि अगले चुनावों में भी उसका यही हश्र होगा।ड्ढr ड्ढr लोग राजद शासन के आतंक को भूले नहीं हैं। उस समय डंके की चोट पर हत्या और अपहरण की वारदातें होती थीं। जदयू ने कहा कि अपराध उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि डीएन गौतम जसे अनुभवी और ईमानदार अधिकारी को डीाीपी बनाया गया। पुलिस अफसरों को अपराधियों से निपटने की खुली छूट दी गई है। अपराधियों को बचाने के लिए किसी स्तर पर पैरवी नहीं होती है। इधर भाजपा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी संजय मयूख, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह और कार्यालय प्रभारी ललिता सिंह यादव ने कहा कि एनडीए सरकार बूथ मैनेजमेंट जन मैनेजमेंट में भरोसा करता है। राजद अपने 15 साल के कुकृत्य से खुद भयभीत है।

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  • Web Title: खुद की तरह दूसरों को बूथ लुटेरा न समझे राजद