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चामीन अधिग्रहण पर कांग्रेस आक्रामक

बादलपुर सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और बुलन्दशहर में किसानों की जमीनों के अधिग्रहण के मामलों को लेकर प्रदेश कांग्रस ने राय सरकार के खिलाफ हमला तेज कर दिया है। इस इलाके के किसानों के हक की मजबूत लड़ाई के लिए पार्टी ने किसान संघर्ष समिति का गठन किया है। इसी के साथ पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने मुख्यमंत्री से उनकी और उनके रिश्तेदारों की बादलपुर सहित दूसरी जगहों की परिसम्पत्तियों पर श्वेतपत्र जारी करने की माँग भी की है।ड्ढr प्रदेश कांग्रस अध्यक्ष श्रीमती जोशी शुक्रवार को यहाँ पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मायावती और उनके तीन रिश्तेदारों ने बादलपुर में नियम कानूनों का खुला उल्लंघन कर किसानों की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। बादलपुर में मुख्यमंत्री मायावती की महलनुमा कोठी के इर्द-गिर्द किसानों को बेघर कर विश्वस्तरीय मनोरंजन संकुल बनाया जा रहा है। इसके अरितरिक्त गाजियाबाद और बुलन्दशहर के गलभग दो सौ गाँवों में भी पुलिस प्रशासन के बल पर किसानों की जमीनों को हथियाने का काम किया जा रहा है।ड्ढr प्रदेश कांग्रस अध्यक्ष ने बताया कि राय सरकार मनोरंजन संकुल के लिए अधिग्रहीत जमीनों का उचित मुआवजा भी किसानों को नहीं दे रही। उन्होंन कहा कि किसानों को जमीनों के पट्टे के मामले में भी सरकार और उसका प्रशासन केवल मुख्यमंत्री मायावती के रिश्तेदारों को ही उपकृत कर रहा है। श्रीमती जोशी ने बताया कि बादलपुर में ही अस्सी दलित किसान हैं पर जमीन का पट्टा केवल मुख्यमंत्री के रिश्तेदार तीन दलितों के नाम ही किया गया है। बाकी दलितों को कोई पूछने वाला नहीं है।ड्ढr प्रदेश कांग्रस अध्यक्ष ने किसानों के हकों की बहाली के लिए कांग्रस द्वारा सतत संघर्ष जारी रखने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद, बुलन्दशहर और गौतमबुद्ध नगर में किसानों को एक मंच पर लाने के लिए प्रदेश कांग्रस कमेटी ने विशेष किसान संघर्ष समन्वय समिति का गठन किया है। समिति का संयोजक पूर्व आईएएस अधिकारी व पार्टी नेता देवीदयाल को बनाया गया है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी सरकार के जमीन कब्जा करो अभियान को रोकने के लिए भी समितियों को बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान लखनऊ में शनिवार को आयोजित किए जा रहे बसपा के अधिवेशन को कार्निवाल बताते हुए कहा कि उसे काले धन का भोंडा प्रदर्शन करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तमाम हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं। बेघर हो चुके किसान और गरीब खुले में रात बिता रहे हैं। ऐसे में इस कार्निवाल का आयोजन बसपा और उसकी नेता के किसान और गरीब विरोधी चरित्र को उजागर करता है। उन्होंने अधिवेशन में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया।

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