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शार्को से भर राचानीति के समुद्र में छोटी मछली हूँ: सिंधियां

बोर्डिग स्कूल बेहतर हैं या डे स्कूल? यह बहस बहुत पुरानी है। इस बहस को नया रूप दिया सिंधिया स्कूल ओल्ड ब्याा एसोएिशन ने। इस बहस में केन्द्रीय संचार राय मंत्री व युवा नेता योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल थेोिनका अनुभव है कि बोर्डिग स्कूल एक समन्दर हैोिसे खुद ही तैर के पार करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं रहता।ड्ढr मौका था सिंधिया स्कूल की 111 वीं सालगिरह का। इस मौके पर स्कूल ने सूत्र वाक्य दिया ‘एक से बढ़कर एक से बढ़ कर एक।’ संवाद का विषय था- आवासीय स्कूल: एक आाीवन अनुभव।’ सिंधिया अपना अनुभव बाँटते हैं-‘स्कूल मेंोो सीखा वह अब बाहर की दुनिया में काम आ रहा है। यही वाह है कि मेरी ौसी मछली राानीति के शार्क से भर समुद्र में तैर रही है।’ सिंधिया कहते हैं कि बगैर चरित्र निर्माण के राष्ट्र निर्माण संभव नहीं। सिंधिया कांग्रेस के युवा चेहरा हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहगुणाोोशी भी इस मौके पर मौाूद थीं। स्कूल के पुराने छात्र अरुण कपूर ने चुटकी ली बसपा में शामिल हुए नटवर सिंह भी सिंधिया से पढ़ कर निकले। श्री कपूर कहते हैं कि आप कहाँ से आ रहे हैं यह उतना महत्वपूर्ण नहींोितना महत्वपूर्ण यह कि आप कहाँोा रहे हैं? वह बताते हैं कि अंग्रेाी के मशहूर लेखक विक्रम सेठ बोर्डिग स्कूल में पढ़े और पढ़ाई के इस तरीके को उन्होंने हमेशा नफरत की निगाह से देखा। वह हमेशा ऐसे मौकों की तलाश में रहतेोहाँ उन्हें थोड़ी शांति मिले। वह अपने आप में व्यस्त रहने लगे। चिन्तन की इसी प्रक्रिया में उन्होंने एक दिन पाया कि वह लेखक बन गए हैं।ड्ढr माध्यमिक शिक्षा के प्रमुख सचिव एके मिश्रा भी सिंधिया स्कूल से पढ़े हैं। लखनऊ में पुराने साथियों को उन्होंने ही यहाँ एकत्र किया। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा के मौाूदा ढाँचे में सबको बोर्डिग स्कूल में पढ़ाना आसान नहीं। हालाँकि इस नए दौर में छोटे परिवार और नौकरी पेशा दंपति के सामने बोर्डिग स्कूल ही विकल्प है। बोर्डिग स्कूल में निसंदेह बच्चे केोीवन मूल्यों में संवर्धन होता है। बच्चे को अपने आप को ‘एक्सप्लोर’ करने का मौका मिलता है। शिक्षाविद डा. अमृता दास ने कहा कि उन्होंने देश भर में बच्चों का ‘ड्रीम स्कूल’ कैसा हो, इसका सव्रे कराया था। सव्रे में उन्होंने पाया कि कक्षा में बच्चे आपसी संवाद, मल्टी मीडिया प्रोंटेशन, शिक्षकों से सहा निकटता चाहते हैं। चाक, ब्लैकबोर्ड और डस्टर बच्चों की अंतिम पसंद हैं। इस संवाद में स्कूल के पुराने छात्र लैफ्टिनेंटोनरल समरपाल सिंह, रााीव कपूर, राोन्दर पवार आदि भी शामिल थे।ं

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  • Web Title: शार्को से भर राचानीति के समुद्र में छोटी मछली हूँ: सिंधियां