अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केन्द्र की सत्ता की कुंचाी थामें बसपाई : मायावती

यहाँ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में बसपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में मायावती ने विरोधी दलों द्वारा आतंकी या नक्सली हमले में अपनी हत्या की साािश रचने की आशंकाोताई। पार्टी कार्यकर्ताओं का उन्होंने आह्वान किया कि वे केन्द्र की सत्ता की कुांी अपने हाथों में लें। मायावती ने कहा कि गरीबों, पिछड़ों, दलितों, शोषितों, अल्पसंख्यकों और सर्वजन की समस्याओं का अंत केन्द्र में बसपा की सरकार बनने पर ही होगा।ड्ढr उन्होंने मंच से चुनाव अभियान का आगाा करते हुए महँगाई, बेरोजगारी आदि मुद्दों पर संप्रग सरकार के खिलाफ पहली सितम्बर से देशव्यापी जनहित चेतना आन्दोलन की घोषणा की। बसपा प्रमुख ने कांग्रस, भाजपा और उनके सहयोगी दलों पर घोर जातिवादी और साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनावी गठबंधन के लिए भाजपा ने उन पर अनुचित दबाव बनाया और सफल न होने पर सीबीआई का दुरुपयोग कर उन्हें ताज कॉरिडोर और आय से अधिक सम्पत्ति मामले में फँसाया, वैसे ही कांग्रस भी उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को अनावश्यक लटकाए हुए है। उन्होंने कांग्रस पर चुनावी गठबंधन न करने पर उनकी छवि खराब करने और पार्टी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें जेल भेजने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह कहना सरासर झूठ है कि परमाणु करार से रोजगार के साधन बढ़ेगे या गरीबी मिटेगी।ड्ढr उन्होंने कहा कि दलित उत्थान के मामले में महात्मा गांधी या इंदिरा गांधी की तुलना अंबेडकर या कांशीराम से करना अनुचित है क्योंकि दलितों के हित में अगर किसी ने काम किया है तो इन्हीं लोगों ने किया है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कांग्रस और भाजपा के बहकावे में न आने और हर हाल में केन्द्र और दूसर रायों में बसपा सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर वह जेल भी जाती हैं या उनकी हत्या हो जाती है तो भी कार्यकर्ता पार्टी को आगे बढ़ाने के काम में जुटे रहें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केन्द्र की सत्ता की कुंचाी थामें बसपाई : मायावती