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चाम्मू में आंदोलन पर बातचीत विफल

ाफीोद्दोहद के बाद श्री अमरनाथ संघर्ष समिति की केंद्रीय शिष्टमंडल से वार्ता हुई लेकिन उसमें कोई नतीाा नहीं निकला। वार्ता से नेका नेता फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सो को अलग रखा गया। शिष्टमंडल ने समिति की बोर्ड को भूमि वापस लौटाने की माँग ठुकरा दी, इस पर समिति ने संघर्षोारी रहने का एलान किया। उधर, पुंछ में कुछ समूहों ने कफ्यरू तोड़कर प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें काबू करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचरा किया। इसमें पाँच लोग घायल हो गए। उग्र आंदोलन की झलक गृह मंत्री शिवराा पाटील को भी देखने को मिली,ोब दो प्रदर्शनकारी उनकी कार के सामने आ गए और काले झंडे दिखाए।ड्ढr समिति के समन्वयक लीला करण शर्मा ने बताया कि शिष्टमंडल ने उनकी माँगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है लेकिन प्रधानमंत्री की आंदोलन समाप्त करने की माँग ठुकरा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल अगर कोई ठोस प्रस्ताव लाता है तभी समिति बात करगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन को अब और तेा कियाोाएगा। पाटील ने कहा कि केंद्र हताहत लोगों के घरवालों को मुआवाा देगा।ड्ढr इससे पहले शिष्टमंडल ने राय के सुरक्षा हालात काोायाा लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पाटील ने अफसरों को ताकीद की है कि वे मौाूदा स्थिति से निपटने के लिए संतुलित कदम उठाएँ। पुलिस ने इस महत्वपूर्ण बैठक के मद्देनार राय में सुरक्षा के व्यापक इंतााम किए थे। कईोिलों में सेना ने फ्लैग मार्च किया और कफ्यरू में ढील नहीं दी गई। पुलिस ने बताया कि सांबा,ोम्मू, रााौरी और कठुआ में गहन चौकसी बरती गई।

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