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घोटालों का केंद्र बना बिरसा कृषि विवि

बिरसा कृषि विवि घोटालों का केंद्र बन गया है। यहां निर्माण से लेकर नियुक्ति तक में नियमों की अनदेखी हो रही है। सरकार के आदेश को भी विवि प्रशासन नहीं मानता है। आदेश से उलट काम हो रहे हैं। कई मामलों पर ऑडिटर ने गंभीर आपत्ति भी जतायी है। स्पष्टीकरण भी मांगा है।ड्ढr वर्तमान वीसी डॉ एनएन सिंह ने जून 2005 में पद संभाला था। उनके कार्यकाल में करोड़ों का निर्माण कार्य हुआ है। अधिसंख्य काम बिना टेंडर निकाले ही करवाया।ड्ढr जमीन ट्रांसफर होने से पहले गोड्डा में कृषि कॉलेज एवं गौरियाकरमा में भवनों का निर्माण शुरू किया गया। कई जगह बिना जरूरत के ही मरम्मत का काम कराया गया। अपनी सुख सुविधा में भी वृद्धि की। लाखों के घरलू सामान खरीदे। एक तबेरा गाड़ी भी खरीदी। उन्होंने डीन, डायरक्टर, साइंटिस्ट आदि की बहाली की। इसमें सरकार के नियमों की अनदेखी की। योग्यता नहीं रहनेवाले और उम्रसीमा पार कर चुके कई आवेदकों की बहाली भी कर ली। पैनल में एक से दो आवेदकों का ही नाम दिया।ड्ढr दक्ष वैज्ञानिकों के होते विवि मुख्यालय, वानिकी संकाय, केवीके आदि में उद्यान कार्य और उसके रखरखाव का काम ठेकेदारों को दे दिया। इस पर बिना प्रावधान के ही करीब ढाई लाख रुपये खर्च किये। निदेशक को टूर पर जाने के लिए छह माह पहले पैसा मंजूर कर दिया। इस मामले पर ऑडिट ने स्पष्टीकरण भी पूछा है। अपने चहेते डीन-डायरक्टर को एक हाार मासिक पर गेस्ट हाउस में रहने की छूट दे दी। वह एचआरए भी उठाते रहे। सरकार के अनुमति बिना ही कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया। पद वर्ग ही चेंज कर दिया। इसकी सूचना भी नहीं दी।

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