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एटमी ऊचरासे होगीकॉरपोरट कमाई

अमेरिका के साथ परमाणु करार को लेकर भले ही यूपीए सरकार को संसद में विश्वास मत हासिल करने की जद्दोहद से गुजराना पड़ा हो लेकिन अब देश की सैकड़ो कंपनियों ने परमाणु ऊरा क्षेत्र को अपनी कमाई का नया जरिया बनाने की दिशा में सोच-विचार शुरू कर दिया है। इससे जहां एक ओर परमाणु ऊरा क्षेत्र मजबूत होगा, वहीं नये निवेश से रोगार सृजन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन कंपनियों ने नीतिगत स्तर पर अपना रास्ता साफ करने के लिए देश के दो बड़े उद्योग चैंबरों सीआईआई और फिक्की की मार्फत माहौल बनाने का काम शुरू कर दिया है। सीआईआई ने देश में निजी और विदेशी कंपनियों को परमाणु ऊरा प्लांट स्थापित करने की अनुमति देने के लिए सरकार के स्तर पर माहौल बनाना शुरू किया है। वहीं उद्योग चैंबर फिक्की के मुताबिक अब इस क्षेत्र में सैकड़ों नई कंपनियां अपना निवेश कर सकने की स्थिति में होंगी। चैंबर के महासचिव डॉ.अमित मित्रा के अनुसार दरअसल इसके लिए कच्चे माल की सुनिश्चित आपूर्ति की जरूरत होती है। उम्मीद की जानी चाहिये कि इस करार के बाद यह समस्या हल हो जाएगी। देश में ऐसी लगभग 200 कंपनियां पहले से ही हैं जो इस क्षेत्र में नये निवेश और कार्य संचालन में सक्षम हैं। साथ ही अन्य 200 छोटी और मझोली कंपनियों के भी इस क्षेत्र में उतरने की उम्मीद है। सीआईआई के अनुसार इंडियन एटॉमिक एनर्जी एक्ट में बदलाव करने से घरेलू व विदेशी कंपनियों को परमाणु ऊरा क्षेत्र में निवेश का मौका मिलेगा। यही नहीं, चैंबर ने कहा है कि देश में सिविलियन न्यूक्िलयर लॉयबिलिटी लॉ भी लागू किया जाना चाहिये जिसके जरिए सरकार सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुये निगरानी तंत्र को प्रभावी कर सके।

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