अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चाम्मू में शांति की आस चागी

ाम्मू-कश्मीर में आंदोलन को शांत करने के लिए बीच का रास्ता निकल आया है लेकिन अभी श्री अमरनाथ संघर्ष समिति और कश्मीरी व हुर्रियत नेताओं को मनाने का काम बाकी है। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में हाईकार्ट क 2005 क उस आदश का लागू करन पर सहमति बनी, जिसमं श्री अमरनाथ यात्रा श्राइन बार्ड का दा माह क लिए जमीन का अधिकार दिया जाएगा और सार प्रबंध उसी क हाथ में रहंग। एसा हान पर राय सरकार द्वारा जमीन वापसी का आदश अपन आप रद हा जाएगा। जम्मू मंडल क दा जिलां-पुंछ और कठुआ स कफ्यरू हटा लिया गया है लेकिन कफ्यरूग्रस्त इलाकां में विराध प्रदर्शनोारी हैं। कुछ इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया। इस बीच, ोकेएलएफ अध्यक्ष मो. यासीन मलिक ने प्रधानमंत्री के कहने पर अनशन तोड़ दिया है।ड्ढr गृह मंत्री शिवराा पाटील ने बैठक के बाद कहा कि अमरनाथ भूमि विवाद का समाधान इस ढंग स निकाला जाएगा, जिसस न ता जम्मू और न ही कश्मीर क लागां की भावनाएँ आहत हां। पाटील ने हिंसा से प्रभावित लोगों के नुकसान की भरपाई का आश्वासन भी दिया। दूसरी ओर, संघर्ष समिति के समन्वयक लीला करण शर्मा ने कहा कि अगर केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल का प्रस्ताव हमारी माँगों के अनुरूप होगा तो हमें मान्य है।ड्ढr सीमा पार करने पर अड़े कश्मीरीड्ढr कश्मीरी और हुर्रियत कांफ्रंस क नताओं के ‘मुजफ्फराबाद चला’ मार्च को पीडीपी ने भी समर्थन देने का एलान किया है। गृह मंत्री शिवराा पाटील ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों को बख्शा नहींोाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: चाम्मू में शांति की आस चागी