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नेता बिहारी, सरकार दिल्ली की

ेंद्र में 16 मई के बाद बननेवाली सरकार में बिहार के जनप्रतिधियों की भूमिका अहम होने जा रही है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव एनडीए के संभावित सहयोगियों की तलाश में दिन-रात एक किए हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दूसर राज्य के नेताओं से संपर्क में हैं। उधर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान को यूपीए की सरकार को समर्थन देने के लिए मुलायम सिंह यादव को पटाने की जिम्मेवारी है। चौथे मोर्चा में और दलों को जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं।ड्ढr ड्ढr खबर है कि शरद यादव को उड़ीसा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक, आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडू के डीएमके से संपर्क की खास जिम्मेवारी दी गई है। बुधवार को एनसीपी नेता पीए संगमा से शरद यादव की मुलाकात हुई। शरद और संगमा की मुलाकात को इसलिए महत्व दिया जा रहा है कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार यूपीए के घटक के तौर पर काम कर रहे हैं। अगर संगमा एनडीए में शामिल होते हैं तो एनसीपी टूट जाएगी। वैसे भी शरद यादव को केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार बनाने का तजुरबा है। वीपी सिंह, एचडी देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल और वाजपेयी की सरकार के लिए दूसर दलों से समर्थन जुटाने में शरद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र में नई सरकार के गठन में अपने आप में निर्णायक साबित हो रहे हैं। श्री कुमार भी नवीन पटनायक और चंद्रबाबू नायडू के संपर्क में हैं। उन्होंने इस भ्रम को समाप्त कर दिया है कि जदयू की मदद से यूपीए की भी सरकार बन सकती है। माना जा रहा है कि एनडीए की सरकार बनने की हालत में इसबार जदयू की अधिक पूछ होगी। तब श्री कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के अभियान में भी कामयाब होंगे। यही नहीं, जदयू को पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण विभाग भी मिलेगा। यह पहला अवसर होगा जब बुजुर्ग समाजवादी नेता जार्ज फर्नाडीस गैर-कांग्रेसी सरकार के गठन के प्रयास से दूर रहेंगे। निर्दलीय चुनाव लड़कर उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ लिया है। उनके करीबी दिग्विजय सिंह की सरकार के गठन में भूमिका तभी तय होगी जब वे चुनाव जीत जाएंगे।ड्ढr ड्ढr एगिट पोल के हताश करनेवाले नतीजे के बावजूद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान यूपीए की सरकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रचार के दौरान कांग्रेस और इन दोनों नेताओं के बीच उभर आई कटुता खत्म हो रही है। दोनों नेताओं को यह जिम्मेवारी दी गई है कि अपने पार्टनर मुलायम सिंह ँयादव को यूपीए से न छिटकने दें। संभव है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ये दोनों नेता दिल्ली में कैंप करके यूपीए के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की राह आसान करं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के रिश्ते बेहद तल्ख बने हुए हैं। इन्हें मुलायम करने की जिम्मेवारी भी लालू-पासवान पर है।ं

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