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संगीत सरिता में गोते लगाते रहे श्रोता

सूबे के चर्चित संगीतज्ञ पं. श्यामदास मिश्रा के जन्मदिन पर रविवार को संगीत की महफिल सजी। शास्त्रीय, उपशास्त्रीय व लोकसंगीत की सरिता में श्रोता डुबकी लगाते रहे। इस मौके पर संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को तंत्र शिरोमणि, नारायण भक्त को साहित्य शिरोमणि व संतोष हाराज को नृत्य शिरोमणि से सम्मानित किया गया। रवीन्द्र भवन में आयोजित श्यामदास मिश्रा षष्टिपूर्ति समारोह में दीप प्रज्वलन सद्गुरु माता विजया ने किया। शुरुआत पं. ओंकारनाथ ठाकुर के गाए गीत वंदे मातरम से हुई। बाल कलाकार साकार सिद्धि ने राग दरबारी में गुरु वंदना पेश की। इसके बाद पं. ओंकारनाथ ठाकुर संगीत विद्यालय के बच्चों ने ‘वरदे वीणा वादिनी वरदे’ व शास्त्रीय रागों को प्रस्तुत किया।ड्ढr ड्ढr बनारस घराने के तबला वादक पं. रामकुमार मिश्र ने एकल वादन से श्रोताओं को गद्गद कर दिया। इसके बाद पं. श्यामदास मिश्रा ने खुद मंच संभाली। उन्होंने राग-रागेश्वरी की अवतारणा कर शास्त्रीय संगीत की गरिमा को स्थापित किया। श्रोताओं की मांग पर उन्होंने कजरी पेश की। गायन में साथ दिया राजभूषण मिश्रा व तबले पर संगत किया रामकुमार मिश्रा ने।इसके बाद पं. संतोष महाराज ने कथक नृत्य पेश में तोड़ा, आमद, ततकार को बड़े ही सधे ढंग से पेश किया। आकाशवाणी के पं. उमाशंकर झा ने शास्त्रीय गायन व ठुमरी गीतों से मन मोहा। तबले पर साथ थे पं. बलराम दास मिश्रा। कोलकाता के पं. सुनन्दो मुखर्जी ने सरोद वादन पेश किया। अंत में संतूर वादक तरुण भट्टाचार्य ने आलाप, जोड़े झाला, रजारवानी व मसीतखानी गत से समां बांध दी। सरोद व तबले पर युगलबंदी से सभी चमत्कृत हुए। इस मौके पर पटना के सांसद रामकृपाल यादव, आचार्य किशोर कुणाल, राम उपदेश सिंह विदेह सहित विभिन्न विधाओं के दिग्गज लोग भी पं. मिश्रा को शुभकामना देने पहुंचे थे।

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