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बंद गली से बाहर निकला मसला

अमरनाथ जमीन विवाद के मसले के हल की कवायद कर जम्मू-कश्मीर से लौटा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल राज्य के दोनों क्षेत्रों के बीच मुद्दे पर पैदा हुई खाई पाटने के लिए सोमवार को दिल्ली में रिपोर्ट तैयार करगा। यह रिपोर्ट बाद में पीएम को सौंपी जायेगी। हालांकि रविवार को यहां लौटने पर गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि मसले का समाधान जल्द निकालना संभव नहीं होगा। कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनका तात्कालिक समाधान संभव है लेकिन कुछ अन्य पर सहमति कायम करने में वक्त लग सकता है।ड्ढr इस बीच, विहिप ने घोषणा की है कि वह इस मुद्दे पर 13 अगस्त को भारत बंद के साथ चक्का जाम भी करगा, जिसे भाजपा भी समर्थन देगी। सूत्रों के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल की बैठक में मोटे तौर पर हाइकोर्ट के वर्ष 2005 के एक आदेश पर सहमति हो गयी। यह आदेश एक तीर से दो शिकार करता है। मसलन दो माह के लिए जमीन का अधिकार और प्रबंधन श्राइन बोर्ड को सौंपता है। सूत्रों के मुताबिक इस शांति फामरूले की घोषणा इसलिए नहीं हो पायी क्योंकि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को संदेह है कि अमरनाथ संघर्ष समिति और हुर्रियत नेताओं को यह मान्य होगा। हालांकि भाजपा को उम्मीद है कि संघर्ष समिति को मनाया जा सकता है। 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रतिनिधि अरुण जेटली भी इस बात से सहमत नजर आये कि जम्मू संकट का हल बातचीत से ही किया जा सकता है। इससे पहले जम्मू में गृहमंत्री ने घाटी के लोगों को आश्वस्त किया कि जम्मू या पंजाब में उनकी किसी तरह की नाकेबंदी नहीं की है। उन्होंने फल उत्पादकों से ‘मुजफ्फराबाद चलो’ रोकने की अपील की। हालांकि दल में शामिल पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी श्रीनगर फलमंडी से सोमवार सुबह शुरू होने वाले इस कूच में शिरकत करगी।ड्ढr साथ में श्रीनगर से राशिद अहमद और दिल्ली से आलोक टिक्कू

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