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क्लास नहीं लेनेवाले प्रिंसिपल अब नपेंगे

लास से दूर रहेनेवाले स्कूलों के शिक्षकों की अब खैर नहीं है। स्कूलों के प्रिंसिपल क्लास लेते हैं या नहीं, इसकी जांच शिक्षा विभाग अब नियमित रूप से करगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानाध्यापकों को नियमित रूप से क्लास लेना होगा। शिक्षण कार्य में दिलचस्पी नहीं लेने वाले प्रधानाध्यापकों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली गयी है। उन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की का कहना है कि यह निर्णय शिक्षकों की कमी के आलोक में लिया गया है। विभाग को काफी समय से यह शिकायत मिल रही थी कि स्कूलों के प्रधानाध्यापक शिक्षण में दिलचस्पी नहीं लेते। वे स्वयं को इससे मुक्त समझते हैं। दूसरी ओर राज्य में माध्यमिक शिक्षकों के लगभग ढाई हजार पद रिक्त हैं। नये निर्देश के तहत संबंधित स्कूल के रूटीन की जांच समय-समय पर होगी। इसके लिए विभागीय अधिकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करंगे। मासिक बैठक में रूटीन की जांच होगी। मंत्री के इस फरमान का कई प्रधानाध्यापकों ने दबे स्वर में विरोध भी किया है। उनका कहना है कि कार्यालय कार्यो में पूरा वक्त निकल जाता है। माह में तीन-चार दिन पदाधिकारियों की बैठक में भाग लेने में गुजर जाता है। कुछ प्रधानाध्यापकों ने मंत्री से मिलकर बात करने का निर्णय लिया है।ं

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