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भारत भी अपनाये जापानी मॉडल

देश संसदीय प्रणाली में इस स्तर तक की भयावह गिरावट देख रहा है, जिसमें राज्य सरकारं तो राज्य सरकारं, केंद्र सरकार भी सदैव अस्थिरता, हड़बड़ी और विवशता में हाथ जोड़े रहने की नियति से अभिशप्त रहती है और ‘सरकार’ की अर्थवता को विनष्ट कर देने को बाध्य रहती है।ड्ढr अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी दोषों को दूर करने की दृष्टि से उसका परिशोधन करने के लिए प्रणाली में परिवर्तन लाने के जितने भी वैकल्पिक सुझाव संभव हो सकते हैं, उन सब पर समूचे राष्ट्र में गंभीर चर्च होनी चाहिए और उपसंहार में जो ‘सत्व’ निकले, उस पर अमल किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति प्रणाली की अच्छाइयों की चर्चा करने में भी झिझक नहीं होनी चाहिए। यदि राष्ट्रपति प्रणाली अव्यावहारिक अथवा अवांछनीय हो, तो देश को वर्तमान संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली में बिना विलंब के द्रुतगामी परिवर्तनों को शामिल करना चाहिए। परिवर्तन कई तरह के हो सकते हैं।ड्ढr पचास फीसदी चुनाव क्षेत्रों से उम्मीदवारों का चयन सीधे मतदान द्वारा नहीं, बल्कि समानुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर सूची पद्धति के अनुसार हो। राजनीतिक दल उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित करं और दलों के मिले मतों के अनुपात में प्रकाशित सूची में से उम्मीदवार निर्वाचित घोषित किये जायें। जापान में इस पद्धति का आंशिक प्रयोग हो रहा है और वह सफल भी हो रहा है। पूर्व में जापानी संसद में 511 सीटें थीं, जो प्रत्यक्ष चुनावों के माध्यम से भरी जाती थीं। अब सीटों की कुल संख्या कम होकर 500 हो गयी है, जिनमें 300 सीटें प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से भरी जाती हैं, जबकि 200 सीटें समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से भरी जाती हैं। पहले के मुकाबले अब वहां की संसद की गुणवत्ता, अर्थव्यवस्था व उत्तरदायित्व जीवंत और तीव्र हो गया है। क्या भारत जापान की इस प्रणाली के बार में नहीं सोच सकता है? फिर यदि चुनाव का सारा व्यय सरकार उठाये, तो भ्रष्टाचार के उत्स को नष्ट करने में मदद मिल सकती है। आस्ट्रलिया इसका एक मिसाल है। एक यह भी कि ऐसे कानून बना दिये जायें कि सभी राजनीतिक दल अनिवार्य रूप से लोकतांत्रिक ढंग से चलने पर बाध्य हो जायें और वोट प्राप्ति के वास्ते राजनीति का अपराधीकरण, बाहुबलीकरण, ‘रुपयाकरण’, जातीय- उपजातीयकरण, सांप्रदायिककरण, क्षेत्रीयकरण, भाषायीकरण आदि न कर सकें। फिर देश कई अवगुणों और समस्याओं से मुक्त हो जायेगा। (समाप्त)ड्ढr लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

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  • Web Title: भारत भी अपनाये जापानी मॉडल