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वामपंथियों ने लालू पर जमकर साधा निशाना

राजनीतिक स्थितियां बयानों को ऐसे बदलती हैं। कल तक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को धर्मनिरपेक्षता का झंडाबरदार बताने वाले वामपंथी दलों ने सोमवार की सभा में उन्हें आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री के बाद लालू प्रसाद ही बसे ज्यादा निशाने पर रहे। माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि लालू प्रसाद परमाणु एक्सपर्ट हो गए हैं। हकीकत यह है कि किसी भी बैठक में उन्होंने वाम दलों के नोट को नहीं पढ़ा। उनका बस यही कहना था कि किसी तरह सरकार बचनी चाहिए और चुनाव टलना चाहिए। वे बस कांग्रेस की बात दुहराते हैं।ड्ढr ड्ढr उन्होंने लालू प्रसाद से सवाल किया कि सितम्बर 2005 में जब केन्द्र सरकार ईरान के खिलाफ सामने आई तो वे मंत्रिमंडल में क्या कर रहे थे। इराक युद्ध का विरोध करने वाले लालू प्रसाद ईरान के खिलाफ युद्ध की साजिश पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा-अमेरिका की गोद में बैठकर साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई नहीं हो सकती। लालू प्रसाद से सवाल भाकपा महासचिव ए.बी. वद्ध्र्रन ने भी पूछा-अगर देश को ऊरा की जरूरत है तो ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना को पूरा करने का दबाव वे क्यों नहीं डाल रहे हैं। वामपंथियों पर हमला करने वाले लालू प्रसाद और रामविलास पासवान भविष्य की राजनीति के बार में भी सोच लें। फारवर्ड ब्लॉक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने कहा कि लालू और नीतीश देश को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और रामविलास पासवान को शर्म आनी चाहिए। वामपंथियों के समर्थन से सरकार बनी जिसमें वे शामिल हुए और गाड़ी पर चढ़ रहे हैं। अब वामपंथियों को गाली दे रहे हैं। उन्होंने दोनों नेताओं को तरल पदार्थ बताते हुए कहा कि जिधर सरकार होती है, उधर वे बह जाते हैं लेकिन इस बार दोनों की हवा निकलनी तय है।

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