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यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश

झारखंड हाइकोर्ट ने अंजुमन इसलामिया रांची के मामले में एक सितंबर तक यथा स्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया है। जस्टिस डीाीआर पटनायक की अदालत ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामले में झारखंड सरकार से भी जानकारी मांगी है। सरकार को बताना है कि झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ित की प्रक्रिया कब शुरू की जायेगी और कब तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। सदस्यों की नियुक्ित पूरी होने तक वक्फ बोर्ड की संपत्ति की देख रख के लिए वह किसी प्रशासक को नियुक्त करगी ?ड्ढr हाइकोर्ट में बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड के 22.5.08 के आदेश को चुनौती दी गयी है। इस आदेश के तहत हाजी नेसार की अध्यक्षता वाली कमेटी को भंग कर अलहा कारी अलीमुद्दीन कासमी को अध्यक्ष बनाया गया था। इस आदेश को पूर्व कमेटी के महासचिव हाजी सरवर आलम ने चुनौती दी। इसमें कहा गया कि बिहार वक्फ बोर्ड ने एक तरफा निर्णय दिया है। कोर्ट को बताया गया कि झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया गया है और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है। इस कारण झारखंड में बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने यथा स्थिति बनाये रखने का निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई एक सितंबर को निर्धारित की।ड्ढr फैसले का स्वागतड्ढr अंजुमन इसलामिया के अध्यक्ष हाजी नेसार ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय का फैसला सराहनीय है। सच्चाई की जीत हुई है। शेख अबादुल्लाह इकबाल, अंजुमन के महासचिव हाजी सरवर आलम ने भी फैसले की सराहना की।

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