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दीपक तिर्की ने भी बिखेरा जलवा

महानगर सरना प्रार्थना सभा की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर मंगलवार को टाउन हॉल में एक ओर जहां लोक गीत-नृत्य का अनूठा नजारा देखने को मिला, वहीं धर्मावलंबियों की एकता और भाईचार के साथ धर्म की निष्ठा भी नजर आयी। इस अवसर पर बाहर से आये बड़ी संख्या में सरना धर्मावलंबियों के साथ चक दे बच्चे कार्यक्रम के विजेता दीपक तिर्की ने भी अपनी भागीदारी निभायी। कार्यक्रम में दीपक तिर्की को अतिथियों ने साल ओढ़ा कर सम्मानित किया। इस मौक पर आदिवासी कानून की रक्षा और अधिकार के लिए 25 सितंबर को मुख्यमंत्री और राज्यपाल का घेराव करने की भी घोषणा की गयी। कार्यक्रम की शुरुआत 11 बजे भेलवा फाड़ी और अन्ना दी प्रार्थना से हुई। इसके बाद गीत-नृत्य का सिलसिला घंटों चला। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित चमरा लिंडा, धर्मगुरु बंधन तिग्गा, धर्म अगुवा वीरंद्र भगत, शिवा कच्छप और रवि तिग्गा ने उपस्थित लोगों के बीच अपने विचार रखे। उन्होंने आदिवासी एकता को बनाये रखने और धर्म की रक्षा हर हाल में करने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि सरना प्रार्थना सभा की मांगों में सिडय़ूल एरिया रगुलेशन एक्ट 1ो उड़ीसा की तर्ज पर परिवर्तन करना और बैकलॉग की नियुक्ित पूरा करना शामिल है। इसके अलावा प्रार्थना सभा ने यह भी मांग की कि जहां 40 से ज्यादा आदिवासी बच्चे हों, वहां के स्कूलों में आदिवासी भाषाओं की पढ़ाई सुनिश्चित करायी जाये। करमचंद तिग्गा, सुनिल गाड़ी, संगिता गाड़ी, शनिचरवा लकड़ा, जीतू उरांव, रवि खलखो, पूनम तिग्गा, सती तिर्की, तारा भगत, किरण कच्छप, एतवा उरांव, तानसेन गाड़ी, राजू लकड़ा, मोनू उरांव और प्रभु खलखो ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अपना योगदान दिया।ड्ढr

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