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कर्चादारों को मिलेगी राहत

अगर आपने 30 लाख रुपये तक का होम लोन, ऑटो अथवा शिक्षा ऋण ले रखा है तो आपके लिए बड़ी राहत मिलना तय है। स्टेट बैंक सहित देश के लगभग सभी प्रमुख बैंकों ने यही तय किया कि रिार्व बैंक की ओर से मौद्रिक नीति जारी करने के बाद पहले के र्कादारों को इस श्रेणी में हो रही ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी से मुक्त रखा जाएगा। यानी अगर आपने बैंकों से इन श्रेणियों में 30 लाख रुपये तक का लोन ले रखा तो आप पर ताजा ब्याज दर बढ़ोत्तरी का असर नहीं पड़ेगा। अलबत्ता, नये ग्राहकों को बढ़ी हुई ब्याज दरं जरूर देनी पड़ेंगी। यहां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ बैठक करने के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं से बात करते हुये कहा कि बैंक इस बात पर राजी हो गये हैं कि वे इन क्षेत्रों पर 30 लाख रुपये तक के मौजूदा र्कादारों के लिए ब्याज दरें नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्सनल फाइनेंस के अलावा लगभग सभी क्षेत्रों में ऋणों की मांग में कोई कमी नहीं आई है। ढांचागत क्षेत्र, विस्तार परियोजनाओं और नई परियोजनाओं के लिए भी ऋण की मांग में कोई कमी नहीं है। लेकिन रीयल एस्टेट के मामले में बैंकों ने उन्हें जरूर सूचित किया है कि वह इसके ऋणों में थोड़ी लगाम लगाएंगे। जाहिर है कि इससे बड़े बिल्डर प्रभावित हो सकते हैं। चिदंबरम ने साफ कहा कि उधारी की स्थिति कमोबेश ठीक-ठाक रहेगी और ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के बावजूद अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेंत्रों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। चिदंबरम ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि वह अपनी बचत के 60 फीसदी हिस्से को सरकारी बैंकों के पास नहीं जमा कर रही हैं। यह सार्वजनिक उपक्रम विभाग की नीतियों का उल्लंघन हैं और इस बार में संबंधित विभाग से बात की जाएगी। किसानों की ऋण माफी योजना के बार में बोलते हुये चिदंबरम ने कहा कि इस स्कीम के तहत सिर्फ 1.18 लाख शिकायतें मिली हैं जिनका निराकरण कर दिया गया है।

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