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सॉफ्टवेयर ने अटकाए वैट की राह में रोड़े

सात माह गुार गए मगर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) पटरी पर नहीं आया! क्योंकि कानून को लागू करने के लिएोरूरी कम्प्यूटरीकरण ही पूरा नहीं हुआ। पांीयन, रिफण्ड, दावों का ब्योरा र्दा करने में इस्तेमाल कियाोा रहा साफ्टवेयर ‘व्यास 2.1’ ठीक से काम नहीं कर रहा। नतीातन वाणिय कर विभाग के पास कारोबारियों की सही संख्या तक नहीं है। आईटीसी क्लेम करने वालों और कर निर्धारण के एक तरफा फैसलों के खिलाफ अपीलों का लेखा-ाोखा भी महकमा नहींोानता। प्रमुख सचिव कर एवं निबंधन ने खामियाँ दूर करने के लिए अधिकारियों को एक हफ्ते का वक्त दिया है।ड्ढr वैट लगने के बाद यूपी में सेक्टरों की संख्या 243 से बढ़ाकर 441 कर दी गई है। व्यापारियों के पांीयन, टैक्स, ऐतराा और दावों का विवरण इन्हीं सेक्टरों में रखाोाना है। इसके लिए प्रत्येक सेक्टर ऑन लाइन होकर मुख्यालय के मेन सर्वर सेोुड़ना था। सात माह 13 दिन गुारने के बाद भी कम्प्यूटरीकरण पूरा नहीं हुआ।ोिन केन्द्रों पर कम्प्यूटर लगे हैं, वहाँ सॉफ्टवेयर आधा-अधूरा है।ड्ढr उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है किोोन और सेक्टर कार्यालयों से सॉफ्टवेयर की खामियों की शिकायतें मुख्यालय आ रही हैं। रिफण्ड से लेकर फार्म-7, 8, फार्म 12, 30 और 32 के तहत कार्रवाइयों का कार्य बाधित है।ोिसका सीधा असर राास्व की वसूली पर हो रहा है। पांीयन और रिफण्ड का पूरा विवरण नहीं होने से व्यापारियों के यहाँ सव्रे भी नहीं हो पा रहा है। इससे महँगाई पर नियंत्रण की दिशा में कदम नहीं बढ़ पा रहे हैं।ड्ढr साफ्टवेयर में खामियाँ और कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूरा न होने के कारणों की वाणिय कर आयुक्त दीपक कुमार ने पड़ताल कर खामियों को दूर करने की रणनीति बनाई। प्रमुख सचिव कर एवं निबंधन गोविंदन नायर ने एक हफ्ते के अन्दर सॉफ्टवेयर का खामियाँ दूर करने का निर्देश दिया है।ोल्दी ही नई व्यवस्था लागू होगी। गड़बड़ियाँोो हो रही हैंड्ढr कर निर्धारण के एक तरफा फैसले (धारा-32, 30) के खिलाफ दिएोाने वाले प्रार्थनापत्र टिन नम्बर के साथ सॉफ्टवेयर नहीं स्वीकार कर रहा।ड्ढr रसीद में तिथिवार रिपोर्ट का प्रिंट निकालने पर पीडीएफ फाइल बनोाती है,ोिसे खोलने का साफ्टवेयर काम नहीं कर रहा।ड्ढr संशोधन, व्यापार परिवर्तन के फार्म-12 भी नहीं स्वीकारता।ड्ढr टीडीएन प्रमाण पत्र में व्यापारी का पता पिंट्र नहीं होताड्ढr इस्तेमाल हो रहे साफ्टवेयर में फार्म-7 व 8 में केन्द्रीय पांीयन से संबंधित विवरण भरने का कोई कॉलम ही नहीं है।ड्ढr केन्द्रीय पांीयन में अगर धारा-7 (1) में ही पांीयन दियाोाता है तो प्रमाण पत्र में धारा-7 (1) और 7 (2) में भी पांीयन का प्रिंट आता है।ड्ढr रिटर्न माडय़ूल में प्रवेश कर की इन्ट्री की व्यवस्था ही नहीं है।ड्ढr केन्द्रीय कर, प्रवेश कर की अलग-अलग रिपोर्ट प्रिंट नहीं हो रही है।ड्ढr रिटर्न से संबंधित रिपोर्ट में टर्नओवर टैक्स, खरीद-फरोख्त, इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईटीसी) का कालम ही नहीं है।

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